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नकली थाना प्रभारी बनकर करता था ठगी, खैरागढ़ पुलिस ने किया पर्दाफाश

खैरागढ़। जिले की छुईखदान पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को “थाना प्रभारी” बताकर कई लोगों से लाखों रुपये ठग लिए। आरोपी की चालबाजी इतनी चालाकी से भरी थी कि लोग उसकी वर्दी, नेमप्लेट और पुलिसिया अंदाज देखकर धोखे में आ जाते थे। लेकिन अंततः असली पुलिस की सतर्कता के आगे उसकी नकली अफसरी ज्यादा देर नहीं टिक सकी।

 

बता दें कि यह मामला तब प्रकाश में आया जब ग्राम छिंदारी निवासी सुखऊ राम नेताम ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि गुप्तेश्वर तिवारी उर्फ जी.पी. पांडे नामक व्यक्ति ने उनके रिश्तेदार धनेश्वर नेताम को पुलिस में भर्ती कराने का भरोसा दिलाया और इसके बदले कुल ₹1,06,000 की रकम ले ली। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी खुद को छत्तीसगढ़ पुलिस का अधिकारी बताता था और पुलिस वर्दी में घूमता था।

 

शिकायत मिलते ही छुईखदान थाना प्रभारी और सायबर सेल की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और उसके आने-जाने के रूट की जानकारी जुटाई। योजनाबद्ध तरीके से की गई घेराबंदी के दौरान आरोपी को छुईखदान क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।

 

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने पहले भी बोरतालाब और मोहगांव क्षेत्र में इसी तरह लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगा है। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो खाकी और कॉम्बैट वर्दी, तीन स्टार वाले फ्लैप, “G.P. Tiwari” नाम की नेमप्लेट, छत्तीसगढ़ पुलिस का मोनो, बेल्ट, लेनयार्ड, मोबाइल फोन और नकद राशि मिली। इन सभी वस्तुओं से यह साफ था कि आरोपी ने अपनी फर्जी पहचान को असली दिखाने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी।

 

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि “खाकी की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वर्दी सिर्फ पहनने से कोई पुलिस नहीं बन जाता; उसके पीछे जिम्मेदारी, ईमानदारी और सेवा की भावना होती है।”

 

 

 

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