बीजापुर में भ्रष्टाचार, पलायन ,स्वास्थ सड़क को लेकर जनता कांग्रेस, मुक्ति मोर्चा ने उठाई आवाज

कहा – समस्याएं दूर नहीं तब तक लड़ाई जारी रहेगी
जिले में गुणवत्ता विहीन सड़क निर्माण की जांच ईडी या सीबीआई से हो- नवनीत चांद
बुनियादी समस्याओं के बीच जीने को मजबूर है बीजापुर वासी – गुड्डू कोरसा
बीजापुर।जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ पार्टी के संभागीय अध्यक्ष एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के प्रमुख सयोजक श्री नवनीत चांद के दिशा निर्देश ,मार्गदर्शन, नेतृत्व एवं जिलाध्यक्ष बीजापुर गुड्डू कोरसा की उपस्थिति में जिले में बुनियादी समस्याओं को लेकर कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के आज ज्ञापन सौंपा गया है इस अवसर पर संभागीय पदाधिकारियों के साथ जिला के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मोर्चा के संयोजक एवं जनता कांग्रेस की संभागी य अध्यक्ष श्री नवनीत ने कहा कि पार्टी एवं मुक्ति मोर्चा संयुक्त रुप से लगातार बस्तर के संभागीय दौरे में हैं। श्रेष्ठ बस्तर की निर्माण को लेकर जनता की समस्याएं पहले दूर हो यह हमारा प्रयास है बस्तर में जनप्रतिनिधि केवल फोटो खिंचाने में लगे जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा इसलिए प्रशासनिक अधिकारी भी अपने में मस्त हैं परंतु ऐसा काम नहीं चलेगा ।
श्री नवनीत ने कहा कि बीजापुर में पलायन जारी है, जिले में गुणवत्ता विहीन सड़क निर्माण इजाज की जांच ईडी या सीबीआई से होना जरुरी है, इसके साथ जिले में भारी समस्या हैं जनता जिस के बीच मजबूर है यह सब दूर हो।
वहीं जनता कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गुड्डू कोरसा ने जिले की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि स्वास्थय सुविधा के नाम पर लापरवाही बर्दाश नहीं जिले में। सर्व सुविधा युक्त अस्पताल निर्माण हो, कोरमा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुले ।
श्री गुड्डू ने कहा कि जब तक यहां की समस्याएं दूर नहीं होती हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
सयुक्त विज्ञप्ति में आगे जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष गुड्डू ने बताया कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा बीजापुर इकाई की ओर से निम्नलिखित जनहित से जुड़ी मांगों पर शासन का ध्यान आकृष्ट किया जा रहा है —
1. वर्ष 2025-26 के धान खरीदी सीजन में दूर-दराज़ के किसानों के लिए रुकने की उचित व्यवस्था की जाए तथा खरीदी अवधि में वृद्धि की जाए।
2. अबूझमाड़ क्षेत्र में अनावश्यक विस्थापन पर रोक लगाई जाए एवं प्रशासन विशेष सतर्कता बरते। एवं अवैध रूप से जमीनों की हेरा फेरी की जांच की मांग
3. जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था शेल गठन की किये जाने की मांग
4. बस्तर का “हरा सोना” तेंदूपत्ता— नियमों में संशोधन के कारण पिछले वर्ष तुड़ाई नहीं हो सकी थी, अतः पुराने नियमों को पुनः लागू किया जाए जिससे आदिवासी भाई-बहनों की आमदनी में वृद्धि हो। वही 2005 से पूर्व वन जमीन पर किए गए कब्जे के आधार पर पारदर्शिता भरते हुए वन अधिकार पट्टा दिए जाने एवं वन संपदा संग्रहण हेतु अनुमति दिए जाने की मांग
5. बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की व्यवस्था हेतु छोटे-छोटे लघु उद्योग की स्थापना किया जाए एवं बेरोजगारी भत्ता प्रदान किये जाने की व्यवस्था के साथ सरकारी एवं गैर सरकारी रिक्त पदों पर स्थानीय नियुक्ति बहाल करने की मांग
6. संविदा कर्मचारियों का शीघ्र नियमितीकरण किया जाए।
7. शहरी एवं ग्रामीण पट्टा-विहीन क्षेत्रों में सर्वे कर सभी निवासियों को उनके पूर्वजों की भूमि पर पट्टा प्रदान किया जाने की मांग
8. लोक निर्माण विभाग, पी एम जी एस वाय,पी एच ई, हाउसिंग बोर्ड, आर ई एस, जल संसाधन जैसे तकनीकी विभागों में स्वीकृत कार्यों को को छोटे-छोटे भाग में विभाजित कर, निर्माण शर्तों मे शीतलीकरण करते हुए, स्थानीय ठेकेदारी आरक्षण बहाल किए जाने की मांग
9. जिले के विभिन्न ब्लॉकों के पंचायतों—जैसे पेददा कोरमा, तोडका, कडेनार आदि ग्राम मे विभिन्न योजनाओं के माध्यम शुद्ध पेयजल की व्यवस्था जैसे कार्यों में किए गए भ्रष्टाचार की जांच एवं ग्रामीणों के सुविधाओं के अनुसार व्यवस्था बहाल करने की मांग
10. स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार कर पंचायत तोडका व पेददा कोरमा में छोटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएँ।
11. गंगालूर क्षेत्र के लालपानी-ग्रसित ग्रामों के प्रभावित ग्रामीणों का सर्वे कर उचित मुआवजा प्रदान किये जाने एवं एनएमडीसी को उत्खनन कंपनी को लौह डिपॉजिट उत्खनन स्वीकृति हेतु प्राप्त पर्यावरण प्रबंधन योजनाओं एवं अनुमति की शर्तो की उच्च स्तरीय कमेटी बना जांच एवं पर्यावरण अनुमति निरस्त किए जाने के मांग
12. जिले के विभिन्न ब्लॉक में केंद्रीय सड़क विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्माण धीन सड़क एवं पी एम जी एस वाय की वर्ष 2020से 2025 के बीच निर्माण धीन गुणवत्ता विहीन, सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार केंद्रीय एजेंसी ई डी अन्यथा सी बी आई से जांच करवाने की मांग
13. बीजापुर जिला के आदिम जाति कल्याण विभाग के माध्यम से वर्ष 2020 से 2025 के बीच आश्रम एवं परियोजना के लिए स्वीकृत क्रय वस्तु सप्लाई निविदा की पद्धति एवं वस्तु का वास्तविक भौतिक बजारिक रेट के मुकाबले सत्यापन एवं गुणवत्ता की जांच की मांग
14. बीजापुर जिले में आवंटित डी एम एफ एवं सी ए सार की राशि मे वर्ष 2020 से 2025के बीच स्वीकृत कार्य की गुणवत्ता एवं औचित्य की केंद्रीय एजेंसी सीबीआई के माध्यम से जांच की मांग!
15. बीजापुर जिले के विभिन्न ब्लाकों में नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों के सदस्यों को शासकीय नौकरी देने के प्रावधान के तहत शासकीय नौकरी दिए जाने के मांग
16. बीजापुर जिले से पलायन रोकने के लिए केंद्र एवं राज्य की योजनाओं का प्रत्येक पंचायत तक पारदर्शिता के साथ रोजगार दिलाने एवं जिला स्तर पर विभिन्न लघु उद्योग की स्थापना कर स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराए जाने की मांग!
17. बीजापुर जिले के सभी ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायत तक पारदर्शिता तरीके से केंद्र में राज्य सरकार की योजनाएं मूलभूत सुविधाएं एवं ग्राम पंचायत ग्राम सभा के माध्यम से मांगे जा रहे कार्यों की स्वीकृति की मांग!
18. बीजापुर जिले के सभी स्कूलों में शत प्रतिशत शिक्षक भर्ती स्थानीय स्तर पर किए जाने के मांग
19. बीजापुर जिले कि सीमावर्ती राज्य तेलंगाना आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के मध्य नजर व्यापार बढ़ावा – स्वरोजगार बढ़ावा हेतु,बीजापुर एवं भोपालपटनम को होलसेल मार्केट बनाने हेतु विशेष योजना बनाए जाने की मांग
20. बीजापुर जिले में आधुनिक सर्व सुविधा युक्त अस्पताल निर्माण किए जाने एवं निर्माण अवधि तक स्वास्थ्य से जुड़ी हुई तमाम शासकीय बीमा कार्ड योजनाओं को, सीमा से लगे हुए अन्य राज्यों में के अस्पतालों में भी इलाज हेतु मान्यता दिए जाने की मांग!
उक्त सभी विषयों पर कार्यवाही की मांग सरकार से रखी गई इस दौरान बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जें के पदाधिकारीयों के रूप मे बीजापुर जिला अध्यक्ष गुड्डू कोरसा, संभागीय महामंत्री राम नाथ नेगी, दंतेवाड़ा जिला अध्यक्ष रेमो मरकाम, जगदलपुर शहर युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष हिमांशु आनंद, यूनियन सचिव मौर्य, आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे!



