प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर संभाग हेतु ‘‘विशेष बाढ़ राहत पैकेज’’ की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा

विषयः- बस्तर संभाग हेतु ‘‘विशेष बाढ़ राहत पैकेज’’ प्रदाय करने बाबत्!
विगत दिनों बस्तर संभाग में भारी बारिश से आई बाढ़ की त्रासदी ने कई गांव/शहरों को प्रभावित करते हुए वहां के जन जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। उक्त बाढ़ से कई घर बह गए, लोग बेघर हो गए, घरों में रखे सामान बह गए, जनहानि तथा फसलों को भारी नुकसान हुआ है। साथ ही पशुधन की भी हानि हुई है। बाढ़ प्रभावितों की जीवन भर की जमा पूंजी पल भर में ही तबाह हो गया, उनकी आंसू थम नहीं रहे है, वे लगातार मदद की मांग कर रहे है। जबकि बस्तर में भरपूर खनिज संसाधन है और उनका दोहन भी हो रहा है। जिससे राज्य सरकार को डीएमएफ व सीएसआर से प्रतिवर्ष लगभग 1500 करोड़ रूपये से अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।
प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ित परिवारों को जो राशि दी जा रही है, वह इस भयावह आपदा की तुलना में पर्याप्त नहीं है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को ‘‘विशेष बाढ़ राहत पैकेज’’ उपलब्ध कराई जाए-
1. जिन परिवारों के पक्के मकान पूरी तरह ढह गए उन्हें 10 लाख रूपये व जिनके कच्चे व क्षतिग्रस्त मकान को 5 लाख रूपये की मुआवजा प्रदाय किया जाए।
2. बाढ़ से किसानों को हुई फसल क्षति का मुआवजा राशि कम है, जिसे बढ़ाया जाए।
3. घरों में रखे सामान जो बाढ़ में बह गए, जैसे राशन, गैस-चूल्हा, आलमारी, टीव्ही, फ्रिज, कुलर, सोफासेट, कम्प्यूटर, दो व चार चक्कें वाहन तथा किराना एवं अन्य दुकानों इत्यादि उनकी सूची बनाकर उचित मुआवजा दिया जाए।
4. स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए स्कूल फीस, निःशुल्क कॉपी, किताब, ड्रेस एवं बैग की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो।
5. बाढ़ से पशुधन बह गए उनका सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।
6. बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापन करते हुए पुनर्वास के लिए दीर्घकालीन योजना बनाई जाए।
7. क्षत्रिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलिया और विद्युत व्यवस्था की तत्काल बहाली की जाए।
आशा है कि बाढ़ की इस भयावह त्रासदी से प्रभावित बस्तर अंचल को राहत पहुंचाये जाने हेतु त्वरित एवं प्रभावी निर्णय लेंगे, ताकि बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावितों को इस आपदा में मदद मिल सके।



