शादी के 19 साल बाद पिता बनने वाला था यह जवान, भाई को मौत के मुंह से निकालते हुए खुद गंवा दी जान

बीते शनिवार यानी 3 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के बीजापुर-सुकमा बॉर्डर पर नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए और 31 घायलों का अब तक इलाज चल रहा है। इन शहीदों के परिवारों पर टूटे दुखों के पहाड़ को कोई कम नहीं कर सकता लेकिन इनमें से एक जवान ऐसा भी था जिसकी कहानी आपको भावुक होने पर मजबूर कर देगी।

शहीदों में से एक जवान किशोर एंड्रीक भी थे। किशोर एंड्रीक शादी के 19 साल बाद पिता बनने वाले थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। किशोक एंड्रीक का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने नक्सलियों से लोहा लेते समय अपने भाई को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की।

शनिवार को जिस वक्त किशोर नक्सलियों से लोहा ले रहे थे, उसी समय उनके भाई हेमंत एंड्रीक भी नक्सलियों से लड़ रहे थे।

किशोर एंड्रीक बीजापुर के चेरपाल ग्राम पंचायत के रहने वाले थे। किशोर ने साल 2002 में रिंकी से शादी की थी लेकिन अब तक दोनों को कोई संतान नहीं हुई थी। हालांकि, अब किशोर की पत्नी 4 माह की गर्भवती थीं। 

रविवार को किशोर का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उमड़े। किशोर को मुखाग्नि उनके भाई ने ही दी। 

बता दें कि बीते शनिवार को बीजापुर-सुकमा बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में कम से कम 22 जवान शहीद हो गए थे तो वहीं इस हमले में 31 जवान घायल भी हुए।

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