जनता के पैसे पर शासकीय महोत्सव बना सत्ताधारी पार्टियों के प्रचार का माध्यम- मुक्तिमोर्चा

BY-Naveen Shrivastava
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य सयोंजक नवनीत चांद ने बयान जारी करते हुए कहा कि ,बस्तर में हो रहे, विभिन्न महोत्सव पर राज्य सरकार व बस्तर के विकास के लिए अधिकृत राशि को बस्तर के वास्तविक संस्क्रति ,कला, व जनमुद्दों को राज्य सरकार के ध्यानाकर्षण में लाया
*देश व दुनिया की नजर में एक नई पहचान देने हेतु खर्च करने के बजाए,विगत 15 वर्षों से राज्य की सत्ता मे रहने वाली पार्टियों व उनके जनप्रतिनिधियों एव पदाधिकारीयो द्वारा इस महोत्सव को शासकीय खर्च पर अपनी पार्टी व खुद की पब्लिकसिटी पर खर्च किया जा रहा है। विडम्बना यह है।कि जिला प्रशासन व कार्यक्रम जिमेदार अधिकारियों द्वारा न ही विपक्ष की पार्टियों ,पदाधिकारीयो, समाज सेवको व सर्व समाज प्रमुखों को इन महोत्सव का निमंत्रण न देना न ही इन महोत्सव की कामयाबी के लिए सलाह लेना इस बात का परिचायक है। कि बस्तर में हो रहे महोत्सव में आयोजको को बस्तर की जनता से कोई मतलब नही है। वह सिर्फ सरकार व उनके जनप्रतिनिधियों एवं उनके पार्टी के पदाधिकारियों की लोकप्रियता बढ़ाने हेतु किया जा रहा है। बस्तर के विकास व राज्य सरकार द्वारा बस्तर हितों हेतु दिए गए राशि का बस्तरवासियों को विस्वास लिए बिना खर्च करने का पुरजोर विरोध करता है। वह बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा राज्य सरकार से अपील करता है। कि ऐसे आयोजित महोत्सव की राशि का ऑडिट रिपोर्ट व खर्च का विवरण व प्रशानिक अनुमोदन सार्वजनिक करे।




