महिला दिवस पर,मृतक पांडे कवासी को न्याय दिलवाने दंतेवाड़ा के समेली पहुँचे अमित जोगी

अमित जोगी का ग्राउंड ज़ीरो बयान : “आज अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन जिस प्रकार से सरकार ने बस्तर के कोने-कोने से चलकर आ रही बहनों और बेटियों को बलपूर्वक रोका, उस से यही लगता है कि भूपेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा लोन वरटू (घर वापसी) अभियान दूसरा सलवा जुडुम सिद्ध होगा। जिस सरकार ने जेल में झूठे नक्सली प्रकरणों में बंद बस्तरियों को रिहा करने का वादा किया था, आज वही सरकार बस्तर की निर्दोष बेटियों को एंकाउंटर की धमकी देके खुद को नक्सली बताके आत्मसमर्पण करने को प्रताड़ित करती है। जहाँ सलवा जुडुम ने अप्रशिक्षित बच्चों के हाथ में बंदूक़ पकड़ा के SPO पैदा किए और पूरे बस्तर को रणभूमि में बदल डाला, वहाँ अब लोन वरटू के ख़तरनाक खेल के चलते आत्मसमर्पण की जगह पुलिस हिरासत में आत्महत्याएँ होने लगी है। आत्मसमर्पण होना चाहिए लेकिन आत्महत्या की क़ीमत पर नहीं। इस पूरे मामले की न्यायिक जाँच होनी चाहिए।”
बस्तर के अंदरूनी इलाको में महिलाओं के अधिकार व न्याय की बात सरकार का झुठा दिखावा–अमित जोगी
00 राज्य सरकार का बस्तर की महिलाओं को महिला दिवस बनाने से रोकना, असंवैधानिक कृत्य–अमित जोगी
दिनांक 08/03/2021 दंतेवाड़ा, अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में बस्तर की बेटी पांडे कवासी की दंतेवाड़ा पुलिसी कसडी में हुई मौत पर न्याय की मांग को लेकर बस्तर महिला संगटन द्बारा दंतेवाड़ा ज़िला के समेली ग्राम पंचायत में आयोजित अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रम में जनता कंग्रेश जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी शिरकत करने पहुँचे,कार्यक्रम स्थल पहुचने पर श्री जोगी ने देखा कि राज्य सरकार अपनी दमन कारी नीतियो को लागू कर बस्तर में निवासरत महिलाओं को उनके संवेधानिक अधिकारों को कुचल कर उनको महिलादिवस बनाने से रोका जा रहा है। लोगो को गांव में बंधक बना कर रखा जा रहा है । यह सब देख कर पत्रकारों के साथ बाइक में बैठ कर अंदरूनी गांव में सरकार द्वारा रोके जा रहे महिलाओं से मिलने पहुच गए।जिसके ततपश्चात दवाव में सरकार द्वारा कुछ महिलाओं को कार्यक्रम स्थल में जाने दिया गया। बस्तर में उतपन्न इन हालातों को देख अमित जोगी ने राज्य सरकार कि दमन कारी नीतियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भूपेश राज में बस्तर की महिलाओं की सम्मान व अधिकारो की रक्षा सिर्फ कोरी बात रह गई है।आज की यह महिला दिवस में समेली गांव में कार्यक्रम को न होने देना महिलाओ को अपने ही गांव में जबरदस्ती रोकना इस बात का परिचायक है कि दक्षिण बस्तर में राज्य सरकार की असंवैधानिक नीतियां चल रही है। आज का दिन दक्षिण बस्तर के महिलाओ के लिए अधिकार दिवस था। पर राज्य सरकार की दमनकारी शोषण कदम ने यहाँ की महिलाओं को काला दिवस बनाने पर मजबूर कर दिया।



