कुख्यात अपराधी बना बॉक्सिंग में गोल्ड मेडलिस्ट , … चोरी, रंगदारी, फायरिंग जैसे 13 संगीन अपराध, गिरफ्तार

खेल की दुनिया में नाम कमाने वाला खिलाड़ी अपराध की दुनिया में कैसा पहुंचा। अपराध के दलदल में फंसकर युवा खिलाड़ी अब सलाखों के पीछे पहुंच चुका है। यह कहानी हरियाणा के सोनीपत के कुख्यात सचिन उर्फ संचित उर्फ बॉक्सर की है।
चार जिलों में दर्ज मुकदमों में नाजमद रहे गांव बुटाना निवासी कुख्यात सचिन उर्फ संचित उर्फ बॉक्सर को अवैध डोगा बंदूक व दो कारतूस सहित क्राइम यूनिट सेक्टर-27 की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को टीम ने खेलकूद स्कूल, राई के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने करीब 10 दिन पहले अपने गांव के सरपंच पर फायरिंग करना कबूल किया है। आरोपी ने जींद के गांव खरक रामजी स्थित निराकार ज्योति मंदिर के महंत सुखबीर दास से 20 लाख की रंगदारी भी मांगी थी।
एसीपी राजपाल सिंह ने बताया कि क्राइम यूनिट सेक्टर-27 की टीम प्रभारी अनिल पवार के नेतृत्व में देर रात ऑपरेशन आक्रमण के तहत राई खेलकूद स्कूल के पास गश्त कर रही थी। टीम ने सूचना के आधार पर गांव बुटाना निवासी सचिन उर्फ संचित उर्फ बॉक्सर को डोग बंदूक और दो कारतूस सहित गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ राई थाना में अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसने 10 दिन पहले अपने गांव के सरपंच पर फायरिंग की थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
महंत सुखबीर दास से मांगी थी 20 लाख रुपये रंगदारी
आरोपी सचिन उर्फ बॉक्सर ने गांव खरक रामजी निराकार ज्योति मंदिर के महंत सुखबीर दास से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। उन्होंने 14 मार्च को सदर थाना जींद को बताया था कि एक महीने पहले युवक मंदिर में आया था और रंगदारी मांगी थी। 13 मार्च को आरोपी ने कॉल कर खुद को बुटाना निवासी सचिन बताकर कहा था कि अब तक उसका काम नहीं किया है। एक सप्ताह में काम नहीं करने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। 14 मार्च को फिर व्हाट्सएप कॉल कर 20 लाख रुपये मांगे थे।
नेशनल स्तर का मुक्केबाज रहा सचिन
सीआईए सेक्टर-27 प्रभारी अनिल पवार ने बताया कि सचिन उर्फ बॉक्सर बेहतर मुक्केबाज रहा है। उसने जूनियर में राष्ट्रीय स्तर पर रजत व राज्य स्तर पर दो स्वर्ण पदक जीते थे। बाद में गलत संगत में पड़कर अपराध की दुनिया में चला गया।



