महाराष्ट्र में विभागों का बंटवारा,देवेंद्र को गृह तो अजित को वित्त, जानें शिंदे के पास क्या

महाराष्ट्र में नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव और दिसंबर में सरकार गठन और करीब एक हफ्ते पहले हुए कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को गृह मंत्रालय, कानून एवं न्यायपालिका मंत्रालय मिला है। वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शहरी विकास एवं आवास और लोक निर्माण विभाग मिला है। जबकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार को वित्त एवं योजना और आबकारी विभाग मिला है।

किसे-कौन सा विभाग मिला?

देवेंद्र फडणवीस – गृह मंत्रालय, कानून एवं न्यायपालिका मंत्रालय

एकनाथ शिंदे – शहरी विकास एवं आवास और लोक निर्माण विभाग

अजित पवार – वित्त मंत्रालय, योजना और आबकारी विभाग

चंद्रशेखर बावनकुले – राजस्व विभाग

राधाकृष्ण विखे पाटील – जल संसाधन (गोदावरी, कृष्णा घाटी विकास निगम)

हसन मुश्रीफ – चिकित्सा शिक्षा विभाग

चंद्रकांत बच्चू पाटील – उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, संसदीय मामले

गिरीश महाजन- जल संसाधन (विदर्भ, तापी, कोंकण विकास निगम), आपदा प्रबंधन विभाग

गणेश नाइक – वन विभाग

गुलाबराव पाटील – जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग

दादा भुसे – स्कूल शिक्षा विभाग

संजय राठौड़ – मृदा एवं जल संरक्षण

धनंजय मुंडे – खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण

मंगल प्रभात लोढ़ा – कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार

उदय सामंत – उद्योग, मराठी भाषा

जयकुमार रावल – विपणन, प्रोटोकॉल

पकंजा मुंडे – पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, पशुपालन

अतुल सावे – ओबीसी कल्याण, डेयरी विकास और नवीकरणीय ऊर्जा

अशोक उइके – जनजातीय विकास

शंभूराज देसाई- पर्यटन, खनन, पूर्व सैनिक कल्याण

आशीष शेलार – सूचना प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक मामले

दत्तात्रेय भरणे – खेल एवं युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास और औकाफ

  • अदिति तटकरे – महिला एवं बाल विकास विभाग
  • शिवेंद्रसिंह भोसले – सार्वजनिक कार्य (सार्वजनिक उद्यमों को छोड़कर)

यहां देखें पूरी सूची

 

15 दिसंबर को राज्य की कैबिनेट का विस्तार

महाराष्ट्र में इससे पहले 15 दिसंबर को राज्य की कैबिनेट का विस्तार किया गया था। इस दौरान महायुति के घटक दलों (भाजपा, शिवसेना, एनसीपी) के कुल 39 विधायकों ने मंत्री और राज्यमंत्री पद की शपथ ली थी। जिसमें भाजपा के 19 विधायक मंत्री बने थे, इसमें तीन महिलाएं शामिल थी। शिवसेना के कोटे से 11 विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। जबकि एनसीपी (अजित) कोटे के नौ विधायक मंत्री बने थे, इसमें एक महिला शामिल थी।

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