छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में बढ़ते अपराध पर पक्ष-विपक्ष में हुई बहस

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्य में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सदन में जमकर हंगामा हुआ. बीजेपी और जेसीसी(जे) ने इसे लेकर स्थगन प्रस्ताव भी लाया. जिसपर सत्तापक्ष ने विरोध जताया. विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को अमान्य कर दिया गया. स्थगन प्रस्ताव अमान्य होने के बाद विपक्ष के विधायकों ने गर्भगृह में उतरकर हंगामा किया. इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने गर्भगृह में आये सदस्यों को निलंबित भी कर दिया.
बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार पर साधा निशाना
बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती वारदात को लेकर सदन में बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार पर निशाना साधा. बृजमोहन अग्रवाल कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराधी बेखौफ हो गए हैं. जो छत्तीसगढ़ कभी शांति का टापू हुआ करता था, आज मफिया का राज है. पूरे प्रदेश में चाकूबजी, अपहरण, बलात्कार और उठाईगिरी की वारदातें बढ़ गई है. बृजमोहन अग्रवाल कहा कि आज छत्तीसगढ़ की दुकानों में ओडिशा और मध्यप्रदेश से शराब लाकर बेचा जा रहा है. विपक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि साइबर क्राइम के लिए छत्तीसगढ़ सबसे सुरक्षित राज्य बन गया है. अजय चंद्राकर ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकारी संरक्षण अपराधिक गतिविधियां में हो रही है.
विपक्ष के सवाल पर गृहमंत्री का जवाब
विपक्ष के आरोपों पर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन अपराधों को लेकर संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि पुलिस सभी मामलों में गंभीरता से कार्रवाई कर रही है. किसी भी तरह के अपराध सामने आते ही पुलिस पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ काम करती है. पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में दहशत का माहौल है. गृहमंत्री ने बताया कि कई गंभीर मामलो में अपराधी पकड़े भी गए हैं. बीजेपी विधायकों के साथ जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के विधायक धर्मजीत सिंह ने भी कानून व्यवस्था को लेकर सदन में चर्चा को जरूरी बताया.



