किसान परिजनों को नहीं मिला न्याय विधानसभा में सरकार को कटघरे में खड़ा करेंगे- अमित जोगी ने कहा -सरकार के सीने पर दिल नहीं पत्थर है..

बस्तर संभाग से एक उपमुख्यमंत्री को स्थान दिया जाए ..ताकि बस्तर के मुद्दे छत्तीसगढ़ की राजनीति की केंद्र में आए।
बस्तर पहुंचे जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी से विभिन्न विषयों पर हुई बातचीत
जगदलपुर/ नवीन श्रीवास्तव
0आपका बीजापुर और कोंडा
गांव प्रवास कैसे रहा ?
00 दो दिन प्रवास में रहा, मां भद्रकाली का आशीर्वाद लिया कोंडा गांव में किसान स्वर्गीय धनीराम के परिजनों के साथ अनशन में बैठा। हमेशा की तरह बस्तर वासियों का प्यार ,अपनापन और जो मोहब्बत मिला उससे अभिभूत हूं।
0 प्रवास का विशेष प्रयोजन भी था ?
00 जी हां सात दिन से स्वर्गीय धनीराम मरकाम का परिवार अनशन में बैठा था ।धनीराम जी की यही गलती थी कि अधिकारियों ने रिश्वत की मांग की तो रिश्वत नहीं दे पाए और इसलिए उनके धान का रकबा 111 क्विंटल हुआ करता था उसे इस साल घटाकर 11 क्विंटल कर दिया गया यह संभव है ? इससे पीड़ित हताश हो, उन्होंने आत्महत्या कर ली ।एसडीएम लेबल की एक जांच दल गठन किया गया जांच दल ने रिपोर्ट में लिख दिया की धनीराम जी नशेड़ी थे और नशे के कारण अपनी जान ले ली आज तक स्वर्गीय धनीराम के परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है आज तक 100 क्विंटल धान उनके घर पर पड़ा है ।उनको कोई जनप्रतिनिधि देखने तक नहीं आया क्षेत्र की प्रतिनिधित्व प्रदेश कांग्रेश कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम जी करते हैं उन्हें जाकर संवेदनाएं तो प्रगट करनी थी ।उनके अनशन को खत्म करने कि सरकार के सीने पर दिल नहीं पत्थर है। एक छेतरी पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते मैंने उनके परिजनों को विश्वास दिलाया है कि आपकी बात पूरे दस्तावेजों के साथ उठाई जाएगी।
0 प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी का अपना जनाधार है/ पृष्ठभूमि है आप प्रदेश अध्यक्ष है वर्तमान परिपेक्ष में पार्टी को प्रस्तुत करना कितना अलग है ?
00 मेरे लिए पार्टी चलाना राजनीतिक प्रश्न नहीं यह मेरे लिए पुत्र धर्म का निर्वाह है। जिस सपने को लेकर पार्टी का गठन किया गया था जिस विचारधारा को लेकर छत्तीसगढ़ का प्रथम मान्यता प्राप्त दल की स्थापना की थी कि छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़िया का प्रथम अधिकार होना चाहिए ,छत्तीसगढ़िया अपने फैसले खुद ले सके उनके इस सपने को साकार करना मेरे लिए केवल राजनीतिक नहीं है पुत्र धर्म का निर्वाह है।
0 बस्तर में किस तरह की रणनीति की जरूरत महसूस करते हैं ,किस तरह की कमियां महसूस करते हैं?
00 दोनों पार्टियों से लोग हताश है बस्तर की मूल समस्या पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा ।
0 क्या टीम का विस्तार किया जाएगा ,सदस्यता अभियान चलाया जाएगा ?
00हम लोग नए सिरे से लोगों को जोड़ेंगे जो लोग संघर्ष करने से नहीं डरे ,जो सत्ता के मायाजाल में ना आए जिनके पास गरीबों के लिए लड़ाई का जज्बा हो ऐसे लोगों को जोड़ पार्टी को आगे ले जाना है ।
0 राजनीतिक पार्टियों के बीच अपनी पार्टी को किस तरह देखते हैं ?
00 बहुत महत्वपूर्ण जनादेश छत्तीसगढ़ की जनता ने हमें दी है बहुत कम समय में पार्टी को चुनाव चिन्ह मिला लोगों ने हमारे गठबंधन के 7 विधायकों को 14 परसेंट वोट दिया मध्य भारत के इतिहास में पहली बार किसी भी क्षेत्रीय दल के रूप में चुनाव आयोग द्वारा मान्यता मिल चुकी है आज हमारा वही स्टेटस है ।
0किसान को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों का अपना नजरिया है ,आप क्या कहना चाहेंगे ?
00 हमारी प्राथमिकता में भी छत्तीसगढ़ किसान है हमारा चुनाव चिन्ह भी हल चलाता किसान है अभी चार बातों पर जोर दे रहे हैं उठे एक-एक दाना चाहे वह धान का हो या मक्के का कम ना पड़े बारदाना एकमुश्त समर्थन मूल्य दिलाना किसानों को बिचौलियों से बचाना चार उद्देश्य है जिसे लेकर हम किसानों के बीच जा रहे हैं इस विधानसभा सत्र में बल देंगे सरकार को बात करेंगे कि उन्होंने जो चुनावी वादा किया था 25 सौ रुपया छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है जो समर्थन मूल्य किस्तों में दे रहा है ।एकमुश्त देना पड़ेगा।
0आदिवासियों छेत्र को पार्टी से किस तरह जोड़ेंगे..
00 मैं बस्तर में रहने वालों को समान भाव से देखता हूं चाहे वे आदिवासियों या गैर आदिवासी सभी बस्तरिया है हमारा उद्देश्य है पिताजी चाहते थे जगदलपुर को प्रदेश की उप राजधानी बनाया जाए। बस्तर संभाग से एक मुख्यमंत्री को स्थान दिया जाए ताकि बस्तर के मुद्दे छत्तीसगढ़ की राजनीति की केंद्र में आए। उनका यह भी मानना था यहां पर हाईकोर्ट की एक खंडपीठ खुले इन बातों को लेकर हम यहां के लोगों तक जाएंगे।



