छत्तीसगढ़

आम हो या ख़ास सभी के लिये एक हो ट्रैफिक नियम – पब्लिक वॉइस

शहर के अंदर सायरन वाली फॉलो गाड़ियों का उपयोग हो बंद, आम जनता होती है तिरस्कृत – पब्लिक वॉइस

जगदलपुर । शासन-प्रशासन ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी में लाने के लिये नितनये युक्तियां निकाल रही है। आम जनता पर नियम का डंडा आये दिन चलते ही रहता है। लोग परेशान होते हैं पर शहर को व्यवस्थित करने में अपना यथोचित योगदान देते हैं।

 

इनसब के बीच एक गंभीर सवाल सामने आता है कि क्या आम और ख़ास लोगों के लिये अलग-अलग ट्रैफिक व्यवस्था है?

 

इस विषय पर शहर की सक्रिय सामाजिक संगठन पब्लिक वॉइस के रोहित सिंह आर्य ने कहा कि लोग धूप हो बारिश हो पर सिग्नल पर एक से डेढ़ मिनट खड़े होते ही है पर फॉलो गाड़ियों के साथ वीआईपी और वीवीआइपीयों के काफिलों के लिये या तो ट्रैफिक सिंग्नल ड्राप कर दिया जाता है अथवा बाकी वहां खड़े लोगों को साइड करवा कर जगह बनाया जाता है। यह सिर्फ एक कृत्य नही है शहर के व्यस्तम मार्गों पर प्रतिदिन फॉलो गाड़ियाँ वीआइपियों को लेकर सरपट दौड़ती हैं। सामने और पीछे जो फॉलो गाड़ियाँ चलती है उसमें से सिपाही एक डंडा निकाल कर लोगों को साइड हटने का इशारा या यह कहें धुत्कारते कभी भी देखे जा सकते हैं।

 

आर्य ने आगे कहा कि लोकतंत्र में जनता से इस तरह का व्यवाहर पूर्णतः अनुचित है। इन फॉलो गाड़ियों से लोग स्वयं को तिरस्कृत महसूस करते है। इसके अलावा ऐसी गाड़ियाँ आम हो गयी है जिसमे केवल चालक होता है और वो तेज़ सायरन के साथ गाड़ी को तेज़ी से निकाल कर ले जाता है किसी गाड़ी में नेम प्लेट होता है तो किसी मे नही।

 

आर्य ने आगे कहा कि शासन-प्रशासन को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिये और इस विषय पर जनहित और जन सम्मान को ध्यान में रखते हुये निर्णय लेना चाहिये। इमरजेंसी अथवा एम्बुलेंस गाड़ियों पर यह छूट बनी रहनी चाहिए।

Related Articles

Back to top button