अशोक चव्हाण के जाते ही बिखरने लगी कांग्रेस,विधायकों की बैठक से पांच MLA नदारद

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण के कांग्रेस से इस्तीफे देने बाद पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई है। गुरुवार को राज्य में पार्टी विधायकों की बैठक से पांच विधायक नदारद रहे। यह मीटिंग अशोक चव्हाण के इस्तीफे के बाद बुलाई गई थी जिसके बाद से कांग्रेस अब डैमेज कंट्रोल कर रही है। नदारत विधायकों में बांद्रा पूर्व से जीशान सिद्दीकी, मलाड पश्चिम से असलम शेख, लातूर शहर से अमित देशमुख, अमरावती से सुलभा खोडके और नांदेड़ दक्षिण से मोहनराव हैम्बर्डे शामिल हैं।
कोई बोला-व्यस्त हैं, तो कोई करता दिखा डैमेज कंट्रोल
मामले पर कांग्रेस विधायक बालासाहेब थोराट ने कहा कि पार्टी द्वारा बुलाई गई बैठक में पांच विधायक नदारत रहे। इस बीच, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि विधायकों ने पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण बैठक में शामिल न होने के लिए उनसे अनुमति मांगी है। बैठक में अनुपस्थित विधायक सिद्दीकी और शेख ने कहा कि अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हमारी प्रतिबद्धताएं हैं।
पार्टी के पदाधिकारी की अलग-अलग बयान
पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, विधायक खोडके और हैम्बर्डे की पारिवारिक व्यस्तताएं थीं। खास बात है तमाम कांग्रेस पदाधिकारी इनको लेकर अलग-अलग बयान दे रहे हैं। एक पार्टी पदाधिकारी ने कहा कि सिद्दीकी और शेख दोनों ने कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार चंद्रकांत हंबार्डे के प्रस्तावक के रूप में अपने हस्ताक्षर दिए थे और बुधवार शाम को पार्टी विधायकों की बैठक में भाग लिया था।
लोकसभा चुनाव समीप आते ही दलों में हलचल
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव को नजदीक आता देख तमाम राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद से पार्टी के भीतर दलबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। इस्तीफे के एक दिन बार अशोक चव्हाण ने भाजपा का दामन थामा है और उन्हें इनाम के दौरान पर राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है। पिछले महीने पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया था। देवड़ा को राज्यसभा चुनाव के लिए शिवसेना ने उम्मीदवार बनाया है।



