कांग्रेस और TMC का पश्चिम बंगाल में टूटा गठबंधन

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कुछ ही महीनों का समय शेष है। ऐसे में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को शांत करने के प्रयासों में जुटी है। वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एलान किया है कि वह देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए लोकसभा में एक भी सीट नहीं छोड़ेंगी। टीएमसी सुप्रीमो ने माकपा पर आरोप लगाया कि उसके कारण ही उनकी पार्टी के संबंध विपक्ष गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस से खराब हुए हैं।
बनर्जी ने एक सार्वजनिक वितरण कार्यक्रम में कहा, टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया, क्योंकि कांग्रेस ने राज्य में दो सीटों पर लड़ने का उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा, कांग्रेस का राज्य विधानसभा में एक भी विधायक नहीं है। मैंने उन्हें मालदी की दो लोकसभा सीटों की पेशकश कीं। लेकिन, वह और सीटें चाहती थी। इसलिए, मैने उनसे कहा कि मैं उनके साथ एक भी सीट साझा नहीं करूंगी। उनकी नेता माकपा है।
टीएमसी सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में भाजपा को मजबूत करने के लिए कांग्रेस और माकपा मिलीभगत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, केवल तृणमूल कांग्रेस सक्रिय रूप से भाजपा का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा, माकपा अब कांग्रेस की नेता है। मैं माकपा को कभी माफ नहीं करूंगी। मैं माकपा का समर्थन करने वालों को माफ नहीं करूंगी। मैंने उनसे कहा कि उन्हें पहले माकपा छोड़नी होगी। माकपा के साथ मिलकर वे भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। मैंने पिछले पंचायत चुनावों में यह देखा है।



