बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने बस्तर के अधिकारों की लड़ाई के 5 वर्ष पूरे किये


बस्तर में बेटा मोर्चा के प्रमुख संयोजक नवनीत ने बस्तरवासियो के भरोसे व स्नेह के लिएजताया आभार
स्थापना दिवस पर तैयारी मुक्ति मोर्चा बनेगा बस्तर की बुलन्द आवाज लिए मजबूत राजनीतिक विकल्प
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा को राजनीतिक पार्टी बनाए जाने बस्तर के कोने-कोने से लिए जा रहे हैं सुझाव व राय
बस्तर के कोने कोने से जनता दरबार में एकत्रित हुए मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
जगदलपुर।स्थानीय जनता दरबार में आज 28 फरवरी को अपनी स्थापना के 5 वर्ष पूरा करने को लेकर हर्षोउल्लास से बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा की पांचवी वर्षगांठ मनाई गई। मुक्ति मोर्चा के प्रमुख संयोजक श्री नवनीत चांद की गरिमामयी उपस्थिती में आयोजित स्थापना दिवस के अवसर पर बस्तर के सभी जिलों के कोने-कोने से पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुक्ति मोर्चा के स्थापना दिवस अवसर पर अपने बस्तर के सर्वांगीण विकास को लेकर गांव -गांव ,खेत खार से लेकर शहर के सड़कों तक लेकर विभिन्न स्तरों में जनमुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय 5 वर्ष के कार्यकाल में मोर्चा की उपलब्धि क्या रही, बस्तर के आदिवासी और आम जनता के जीवन,संस्कृति के लिए लिए क्या किया जा सकता है जैसे विषयों के साथ सम्पूर्ण बस्तर के विकास के लिए मोर्चा को नए राजनीतिक विकल्प के रूप मजबूती देने महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा प्रमुख संयोजक श्री नवनीत चांद ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना जैसे गंभीर एवं कठिन परिस्थितियों के बीच मोर्चा ने खड़े होकर आम लोगों की जरूरत और अधिकारों के लिए कार्य करना शुरू किया । श्री नवनीत ने कहा – पांच वर्षों में जनता से मिल रहे सहयोग एवं प्रेम से हमने जनता और बस्तर के समस्याओं से लड़ने सीखा।
उन्होंने कहा कि मोर्चा ने संभाग के सभी जिलों के साथ गांव-गांव एवं कस्बों में जाकर जन चौपाल लगाया ,बस्तर के आखिरी छोर तक बस्तरवासियों से मुलाकात की और उनके समस्याओं के साथ बस्तर के लगभग हर मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद किया।
केवल यही नहीं अपने दायित्व को लेकर मोर्चा ने राजनीतिक विकल्प की तैयारी को लेकर चुनावी समर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज किया चाहे वह विधानसभा हो या फिर नगरीय चुनाव, पंचायत चुनाव हम आगे बढ़ते रहे लोग जुड़ते रहे।
श्री चांद ने कहा राजनीतिक विकल्प लेकर जब मोर्चा जनता के बीच पहुंची तो जनता ने अपना विश्वास जताया इस अनुभव ने यह साफ कर दिया कि बस्तर के सभी पहलुओं के विकास को लेकर यहां के आदिवासियों के बुनियादी अधिकारों को लेकर यहां के जंगल जमीन और नदी को बचाने के लिए मजबूत राजनीतिक विकल्प के साथ मजबूत विपक्ष की जरूरत है इसे लेकर बस्तर भर से हमें सुझाव और अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। यही कारण है कि बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा अब बस्तर अधिकारों को लेकर एक राजनीतिक पार्टी के विकल्प के रूप में जल्द ही सामने आएगी इस संबंध में राय ,सुझाव के लिए हम लगातार लोगों के बीच पहुंचेंगे। हमारा लक्ष्य और दायित्व किसी भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा से उठकर बस्तर का विकास ही होगा।
इस अवसर पर बस्तर संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारी एवं नगर मंडल जगदलपुर के पदाधिकारी उपस्थित थे



