राष्ट्रीय

क्या भाजपा ने शिवराज – वसुंधरा को सीएम नही बनाकर बड़ी गलती की ? सर्वें में आए चौंकाने वाले नतीजे

एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। एमपी का चुनाव जहां उसने शिवराज सिंह चौहान के चेहरे पर लड़ा तो वहीं राजस्थान में उसने चुनाव के पूर्व सीएम का चेहरा क्लीयर नहीं किया था।

 

लेकिन सबको उम्मीद थी कि बीजेपी जीत के बाद राज्य का सिंहासन वसुंधरा राजे को ही सौंपेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ, भाजपा ने राजस्थान और मध्य प्रदेश दोनों जगहों पर सत्ता नए लोगों के हाथ में दे दी।

 

मध्य प्रदेश में उसने जहां चार बार के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान की जगह मोहन यादव को सीएम बनाया वहीं राजस्थान की कमान उसने भजनलाल शर्मा जैसे नए चेहरे के हाथ में सौंपी । इसके बाद खबरें भी आईं कि पार्टी आलाकमान से दोनों नेता मुख्यमंत्री ना बनाए जाने की वजह से नाराज चल रहे हैं।

केंद्र की राजनीति का हिस्सा होंगे शिवराज सिंह चौहान?

एमपी में तो ये भी कहा गया कि राज्य के चार बार के सीएम रहे शिवराज सिंह चौहान को पार्टी हाईकमान केंद्र की राजनीति में सक्रिय करना चाहती है और इसके लिए उन्हें ऑफर भी किया गया है जिसे कि शिवराज सिंह चौहान ने मना कर दिया।

क्या शिवराज और वसुंधरा पार्टी से नाराज हैं?

 

इसके बाद उनके एक-दो वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिसमें वो गमगीन और इमोशनल नजर आए तो वहीं राजस्थान में महारानी वसुंधरा राजे के बारे में यही कहा जा रहा था कि वो भी पार्टी के फैसले से खुश नहीं है।

 

नए चेहरों को मौका देकर बीजेपी ने अच्छा नहीं किया!

जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस छिड़ गई कि नए चेहरों को मौका देकर बीजेपी ने अच्छा नहीं किया, दोनों ही भाजपा के पुराने दिग्गज नेता है, जिनके श्रम से ही भाजपा ने राज्यों में बहुमत प्राप्त किया है इसलिए इनकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

एबीपी सी वोटर ओपिनियन पोल

और इसी बहस के मद्देनजर एबीपी न्यूज़ के लिए सी-वोटर ने एक ओपिनियन पोल किया, जिसमें जनता से सीधे सवाल किया गया था कि – शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे को CM नहीं बनाने का बीजेपी का फैसला सही था या गलत?

इस सर्वे में लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और उसके बाद चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। सर्वे में लोगों ने भाजपा के फैसले को सही ठहराया है और इस बात के लिए उसकी सराहना भी की है और ये भी कहा है कि इसका फायदा उसे आने वाले आम चुनावों में भी मिलेगा।

 

क्या कहता है सर्वे का परिणाम?

  • 52 फीसदी लोगों ने कहा फैसला ‘सही’
  • 33 फीसदी लोगों ने कहा फैसला ‘गलत’,
  • 15 फीसदी लोगों ने कहा ‘पता नहीं’सही या गलत

खास बातें

दिग्गजों का कहना है कि भाजपा ने ये फैसला आने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लिया है। जहां छत्तीसगढ़ की कमान उसने एक आदिवासी चेहरे को दी है, वहीं उसने एमपी की सत्ता यादव को सौंपकर इस वर्ग को खुश करने की कोशिश की है तो वहीं राजस्थान में उसने एक ब्राह्मण चेहरे को सीएम बनाकर बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेला है।

 

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