शहर के ज्वलंत मुद्दों के निराकरण की मांग को लेकर मुक्ति मोर्चा ने सौंपा नगरपालिका निगम आयुक्त को ज्ञापन– मुक्ति मोर्चा

BY-Naveeen Shrivastava

शहर के ज्वलंत मुद्दों के निराकरण की मांग को लेकर मुक्ति मोर्चा ने सौंपा नगरपालिका निगम आयुक्त को ज्ञापन– मुक्ति मोर्चा

शहर के धरोहर जगतू माहरा की मुर्ति की स्थापना, तालाबों के संरक्षण के खर्च उपयोगिता की हिसाब, मुख्य बाजार पार्किंग स्थल व वार्ड समिति का गठन,जल भराव समाधान एवं मुल भुत सुविधाओं जैसे मांगों को रख निराकरण हेतु की चर्चा– मुक्ति मोर्चा

समय सीमा पर निगम प्रशासन द्वारा शहर हित में समस्याओं का निराकरण ना करने पर ,वादा निभाओ- निगम सरकार अभियान का करेगा शंखनाद– मुक्ति मोर्चा

बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संभागीय संयोजक नवनीत चांद व शहर ईकाई संयोजक श्रीमती शोभा गंगोत्री के संयुक्त नेतृत्व में जगदलपुर नगर निगम के ज्वलंत मुद्दों की मांगों को लेकर नगरपालिका निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंप, मांगों के निराकरण की अपील की गई। शहर के ज्वलंत व जनहित मुद्दों पर नगरनिगम आयुक्त का ध्यान आकर्षण करते हुए ,मुक्ति के मुख्य संयोजक नवनीत चांद ने कहा कि, नगर निगम का यह चौथा कार्यकाल प्रांरभ है।पर विडम्बना यह है कि, शहर की जनता के द्वारा दोनों ही राष्ट्रीय पार्टीयों को निगम की सत्ता का चाबी समय समय पर उनके द्वारा किये गए घोषणा पत्र के आधार पर सौंपने के बाद भी, आज प्रत्यंत तक नगरीय निकाय की किसी भी सरकार ने शहर की वास्तविक समस्याओं के निराकरण व मांगों पर क्रियावयन की पहल नहीं किया , उदारहरण स्वरूप ब्रिटिश काल समय उपरांत इस शहर का नाम जगतूगुड़ा स्व० जगतू माहरा के नाम पर स्थापित था। जिसे आज जगदलपुर नाम से जाना व पहचाना जाता है। पर बेहत दु:ख का विषय है कि स्व० जगतू माहरा के गौरवशाली इतिहास को शहर के किसी भी चौराहा पर आज मुर्ति की स्थापना को जगह नहीं मिली है। वहीं शहर की धरोहर शहर तालाबों के संरक्षण एवं सुनियोजित विकास के नाम पर निगम के कई सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं से राशि आबंटित कर तालाबों के कायाकल्प व संरक्षण पर खर्च किया है। व वर्तमान में भी किया जा रहा है उसकी उपयोगिता, खर्च के बदले परिणाम व भविष्य की योजनाओं की झलकियां ,शहर की जनता के समक्ष रखा जाना बेहद जरूरी है। ताकि शहर की जनता को उसके राजस्व के खर्च का हिसाब व जानकारी मिल सके। शहर संयोजक शोभा गंगोत्रे व जिला संयोजक भरत कश्यप ने कहा कि ,शहर के अंदर तीन मुख्य बाजार स्थापित है। शहर के जनसंख्या की बढ़ोतरी के साथ ही बाजार के सड़को पर यातायात तीव्र गति से बढ़ रहा है। जनता के लिए पार्किंग व शौचालय की व्यवस्था निगम सरकार द्वारा अब तक ना किये जाने से, व्यापारीयों को व्यापार में नुक्सान के साथ-साथ जनता को समस्याओं व यातायात विभाग द्वारा कार्रवाई का सामना रोज करना पड़ रहा है। वहीं छोटे व्यापारियों व सब्जी व्यापारियों को अस्थाई बाजार शुल्क लेकर व्यास्तित करने की मांग भी लगातार उठ रही है। निगम प्रशासन द्वारा उन पर कार्रवाई करने की बजाय,उन्हें स्थापित करने की तरफ कदम बढ़ाए। नगरीय निकाय क्षेत्रफल का विस्तारिकरण 48 वार्ड के रूप में किया जा चुका है। इसलिए वार्डवासियों के मुल भुत समस्याओं के निराकरण हेतु नगरीय निकाय कानून के तहत वार्ड समिति का गठन करते हुए समस्या निवारण शिविर का आयोजित कर केंद्र,राज्य व नगरीय निकाय लोक हित जनयोजनाओ वार्ड स्तर पर प्रचार प्रसार व क्रियावयन सुनिश्चित किया जाए। ताकि लोगों को लाभ मिल सके। वहीं वर्षों काल में बीना सुनियोजित योजनाओं के निर्माण कार्य की वजह से शहर में जलभराव की स्थिति हर वर्ष उत्पन्न होती है।जिसकी वजह से शहर के जनता को अनेकों समस्याओं सामना करना पड़ता है। निगम प्रशासन से अपील है कि लोक निर्माण विभाग के साथ, संयुक्त रूप से तकनीकि टीम बना जलभराव समस्या जनता को निजात दिलाये। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा निगम आयुक्त को ज्ञापन देते हुए समय सीमा पर निराकरण की मांग रख यह कहां गया है।कि शहर हित पर निगम प्रशासन द्वारा कदम ना उठाए जाने पर मुक्ति मोर्चा द्वारा निगम सरकार वादा निभाओ अभियान प्रारंभ किया जायेगा। इस कार्यक्रम में उपस्थित थे ।कांकेर जिला संयोजक रोशन सचदेवा, शहर महासचिव सुनिता दास, कोषाध्यक्ष अंकिता गुरूदत्वा, उपाध्यक्ष एकता रानी कौर, शैलेंद्र वर्मा, शनी राजपूत, मीना कौर, नुपुर, जयंती विश्वकर्मा, महेश दास,निलाम्बर भद्रे,दिनमनी,सनमती विश्वकर्मा,कनक, तामेश्वरी साहू, संतोष, आशीष, विकास मांझी आदि।

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