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पीएम मोदी ने की शिखर सम्मेलन के समापन की घोषणा,अब ब्राजील को सौंपी अध्यक्षता

भारत में आयोजित हो रहे जी-20 सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया. दोपहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो को जी-20 की अध्‍यक्षता सौंपी. अगला जी-20 शिखर सम्मेलन ब्राजील में होगा. राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया. सम्मेलन के बाद जो बाइडेन वियतनाम के लिए रवाना हो गए हैं.

पीएम मोदी ने जी-20 का एक और वर्चुअल सेशन रखने का रखा प्रस्ताव
जी-20 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत के पास नवंबर 2023 तक जी-20 की अध्यक्षता है. इन दो दिनों में आपने कई बातें और प्रस्ताव रखे हैं. हमारी जिम्मेदारी है कि जो सुझाव आए और देखा जाए कि उनकी प्रगति में गति कैसे लाई जा सकती है. मेरा प्रस्ताव है कि हम नवंबर के अंत में जी-20 का एक और वर्चुअल सेशन रखें. इसमें हम इस समिट के दौरान में हुई तय विषयों की समीक्षा कर सकते हैं. इस सबका ब्योरा हमारी टीम आपके साथ साझा करेगी. मैं उम्मीद करता हूं कि आप सब इससे जुड़ेंगे.

 

वैश्विक व्यवस्थाएं वर्तमान की वास्तविकताओं के मुताबिक हों
संयुक्त राष्ट्र में फिर से सुधार की वकालत पीएम मोदी ने की. समापन भाषण में पीएम मोदी ने कहा, विश्व को एक बेहतर भविष्य की तरफ ले जाने के लिए ये जरूरी है कि वैश्विक व्यवस्थाएं वर्तमान की वास्तविकताओं के मुताबिक हों. आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी इसका एक उदाहरण है, जब यूएन की स्थापना की गई थी, उस समय का विश्व आज से बिल्कुल अलग था. उस समय यूएन में 51 फाउंडिंग मेंबर्स थे. आज यूएन में शामिल देशों की संख्या करीब 200 हो चुकी है. बावजूद इसके, UNSC में स्थाई सदस्य आज भी उतने ही हैं. तब से आज तक दुनिया हर लिहाज से बहुत बदल चुकी है. ट्रांसपोर्ट हो, कम्यूनिकेशन हो, हेल्थ, एजुकेशन, हर सेक्टर का कायाकल्प हो चुका है. ये सच हमारे New Global Structure में Reflect होनी चाहिए.

डिजिटल इंडिया का किया जिक्र
जी-20 देशों से आग्रह करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘मैंने GDP सेंट्रिक अप्रोच के बजाय Human Centric Vision पर निरंतर आपका ध्यान आकर्षित किया है. आज भारत जैसे अनेक देशों के पास ऐसा कितना कुछ है, जो हम पूरे विश्व के साथ साझा कर रहे हैं. भारत ने चंद्रयान मिशन के डेटा को मानव हित में सबके साथ शेयर करने की बात की है. ये भी Human Centric ग्रोथ को लेकर हमारे कमिटमेंट का प्रमाण है.’

 

भारत की डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने टेक्नॉलॉजी को इंक्लूसिव डेवलपमेंट के लिए, लास्ट माइल डिलिवरी के लिए, उपयोग किया है. उन्होंने कहा कि हमारे छोटे से छोटे गांव में, छोटे से छोटा व्यापारी भी, डिजिटल पेमेंट्स कर रहा है और मुझे खुशी है कि भारत की अध्यक्षता में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्टक्चरके लिए मजबूत फ्रेमवर्क पर सहमति बनी है.

क्रिप्टो को लेकर उठाएं ठोस कदम
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘आज कुछ अन्य ज्वलंत समस्याएं भी हमारे विश्व के सामने हैं, जो हम सभी देशों के वर्तमान और भविष्य, दोनों को प्रभावित कर रही हैं. साइबर सिक्योरिटी और Crypto-currency की चुनौतियों से हम परिचित हैं. हमें Crypto-currencies को रेगुलेट करने के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड्स develop करने होंगे. हमारे सामने Basel standards on bank regulation एक मॉडल के रूप में है. इस दिशा में जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. इसी प्रकार साइबर सिक्योरिटी के लिए भी वैश्विक सहयोग और फ्रेमवर्क की जरूरत है.

राजघाट पर भावुक हुए ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो
जी-20 समिट के आखिरी दिन ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो ने कहा, ‘जब हम महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए गए थे उस समय मैं बहुत भावुक हो उठा था. मेरे राजनीतिक जीवन में महात्मा गांधी का बहुत महत्व है क्योंकि अहिंसा का मैंने कई दशकों तक अनुसरण किया है, जब मैं लेबर आंदोलन के लिए लड़ा था. यही कारण है कि जब मैंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की तो मैं भावुक हो गया.’

 

ब्रिटेन ने हरित जलवायु कोष के लिए दिए दो अरब अमेरिकी डॉलर
ब्रिटेन ने जलवायु परिवर्तन से निपटने में दुनिया की मदद करने के मकसद से अपनी सबसे बड़ी एकल वित्तपोषण प्रतिबद्धता के तहत हरित जलवायु कोष के लिए दो अरब अमेरिकी डॉलर प्रदान करेगा. भारत में ब्रिटेन के उच्चायोग ने बताया कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और उसके अनुसार ढलने में दुनिया के कमजोर लोगों की मदद करने के लिए वित्तीय योगदान देने की घोषणा की है.

‘भारत बना ग्‍लोबल साउथ की आवाज’
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा, ‘मुझे लगता है अध्यक्ष के रूप में भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज बनने की दिशा में अच्छा काम किया है. यह तथ्य कि वे आम सहमति प्राप्त करने में सफल रहे हैं, जी-20 के नेतृत्व का एक प्रमाण है.

‘हमारा भविष्य डिजिटल होगा’
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भविष्य के बारे में बात की. उन्होंने कहा भविष्य डिजिटल होगा. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज मेरा ध्यान आर्टफिशल इन्टेलिजन्स  और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर है. जैसा कि हम सभी को पता है एआई जोखिमों से रहित नहीं है, लेकिन यह जबरदस्त अवसर भी प्रस्तुत करेगा. प्रौद्योगिकी तेजी से विकसित हो रही है, इसलिए इसका उपयोग करना महत्वपूर्ण है.

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