जगदलपुर पानदूकानदार आत्महत्या : हाईकोर्ट को गुमराह कर लिए अग्रिम जमानत को जल्द करवाएंगे खारिज ,करेंगे पुख्ता सबूत पेश – नरेन्द्र भवानी

जगदलपुर ।आम आदमी पार्टी के बस्तर जिलाध्यक्ष नरेन्द्र भवानी ने बताया की जगदलपुर महारानी अस्पताल के सामने पान दूकानदार संजीव सिंह ने प्रताडित होकर बीते वर्ष मे आत्महत्या करने का प्रयास किया था जिसके बाद वह 60% जल भी गया था एवं इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी! डेढ़ साल बाद मृतक के पारिवार ने अभी तक कोई न्याय नहीं मिलने का कार्यालय पहुँच किये नरेन्द्र भवानी से न्याय दिलाने का निवेदन।
इस मामले मे भवानी ने पूरे मसले का बारिकी से अग्रिम जमानत की अपील हाईकोर्ट के याचीकाकर्ता के रिट लेख को पड़ा देखा समझा और कहा है की मामला सीधे हत्या का ही बनता है मृतक ने मरने से पहले कथन मे अपना बयान दिया था जिसका सबूत मोबाइल द्वारा विडियो मे भी था किन्तु विचारणीय आश्चर्यजनक विषय यह है की हाई कोर्ट मे जो केस डायरी पेस किया गया है उस डायरी मे मृतक का प्रताड़ना का आरोप लगाने का सबूत ही नहीं है ऐसा याचीकाकर्ता के लेख मे कहा गया जबकि मृतक का विडियो पुरे शहर मे ट्राल हो गया था जहां उन्होंने किसी रोहित शर्मा नामक व्यक्ति से परेशान होकर आत्महत्या किया का बयान दर्ज कराया गया उसी आधार पर धाराए भी लगी किन्तु याचीकाकर्ताओ ने हाईकोर्ट मे इस कार्यवाही को चुनौवती देते हुवे कई सारे कारण बताकर झूठ का कहानी गढ़े पर झूठ का सिलसिला जय्दा थोड़ी ना चलता है अब तो पुलिस द्वारा लगभग आरोप सिद्ध पत्र त्यार है और बहुत इनकी अग्रिम जमानत भी खारिज हो जाना है।
भवानी ने काहा पहले तो यह लोग अग्रिम जमानत का रिट की नोटिस संतोष सिंह पुत्र श्री रामसेवक सिंह उम्र लगभग 44 वर्ष निवासी अनुपमा चौक, दिनदयाल वार्ड, जगदलपुर जिला बस्तर को – बिलासपुर 2804, 26/2/2021 याचिकाकर्ता प्रतिवादी उपरोक्त मामले में याचिकाकर्ता द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत (बंदी प्रत्यक्षीकरण/मांडामस/निषेध/सर्टिओरारी/क्वो-वारंटो) की रिट के लिए एक याचिका दायर की गई है जिसके तहत 17/03/2021 को या उससे पहले व्यक्तिगत रूप से या विधिवत नियुक्त वकील के माध्यम से रिटर्न जमा करना आवश्यक है! प्राथियो को आदेश हुवा अतः यदि उपरोक्त के अनुसार कोई रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है, तो याचिका पर सुनवाई की जाएगी और एक पक्षीय निर्णय लिया जाएगा। का जानकारी नोटिस मे प्रार्थी पीड़ित लोग यह नोटिस को समझ नहीं सके और ना इतने सक्षम है की वकील हायर कर बिलासपुर जा सके जिसका भरपूर लाभ याचीकाकर्ताओ ने उठाया पर यह अग्रिम जमानत जय्दा दिन रहेगी नहीं
भवानी ने कहा है कि कैसे मामले को तोड़मरोड़ कर अग्रिम जमानत लेने हेतु याचीकाकर्ता दायर किये याचीका इस प्रकार रही – वर्तमान याचिका के माध्यम से याचिकाकर्ताओं ने याचिकाकर्ता के खिलाफ पुलिस स्टेशन जगदलपुर, जिला बस्तर द्वारा एफ.आई.आर संख्या 0040/2021 के तहत धारा 294, 323, 506, 34 के तहत अपराध दर्ज करके आपराधिक मामला दर्ज करके कार्यवाही की शुरुआत को चुनौती देने की मांग की एवं भारतीय दंड कासंहिता और उसके बाद यहां याचिकाकर्ताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 शामिल की गई, जिसका मुख्य कारण यह था कि संजीव कुमार सिंह नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर इस कारण से आत्महत्या कर ली कि यहां याचिकाकर्ता और उनके परिवार के सदस्य देर रात तक पान की दुकान चलाने पर आपत्ति जता रहे थे उनके आवासीय परिसर के सामने और उक्त दुकान पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा है और इस प्रकार याचिकाकर्ताओं के आवासीय परिसर के पास शांति और सद्भाव प्रभावित हो रहा है एवं इसी वजह से मानसिक समस्या मे होने के कारण संजीव सिंह ने आत्म हत्या की जबकि ऐसा बिलकुल भी नहीं था जबकि मृतक ने बयान मे साफ साफ काहा था की पैसे के लेने देन को लेकर परेशान किया जा रहा था और इतना प्रताड़ित किया गया की संजीव अपने आप को ही मार डाला और मामले मे मेन सबूत को ही केस डायरी मे है ही नहीं कहना गलत जबकि धारा 306 पर पहले ही मृतक का बयान सबूतों के साथ दर्ज कर लिया गया,आखिर ऐसा करने वाले कैसे निर्दोष हो सकते है बावजूद मामला न्यायालय मे विचारणीय है !जल्द ही हम प्रार्थी के साथ इनकी अग्रिम जमानत रद करने की अपील हाईकोर्ट मे लगाएंगे एवं मामले मे असली विडियो सबूत एवं अन्य मिडिया प्रिंट अखबारो के साथ बस्तर पोलिस द्वारा त्यार सबूतों को करेंगे हाईकोर्ट मे पेश पीड़ितों को न्याय दिलाने का करेंगे भरपूर प्रयास*
उन्होंने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि बहुत सी झूठे बातों को रख कर मामले मे अग्रिम जमानत लिया गया है न्यायालय को भी गुमराह किया गया है वही जो मुख्य गवाह है उसे ही मृतक का हत्यारा बताया गया इनके अग्रिम जमानत दस्तावेज मे मृतक प्रार्थी का हाईकोर्ट ना पहुंचना इसका पूरा लाभ याचीकाकर्ताओ ने लिया।
भवानी ने बताया है की मामले मे पुलिस द्वारा आरोप पत्र लगभग त्यार कर लिया है मुख्य गवाह का बयान धारा 164 मे करवा लिया गया था बहुत जल्द प्रार्थी के साथ हाईकोर्ट पहुँच याचीकाकर्ताओ के अग्रिम जमानत स्थगित करने की अपील कर न्यायालाया को गुमराह करने पर कार्यवाही की भी करेंगे मांग।



