ग्राम पंचायत सरगीपाल के पंच मनीराम नाग पे अवैद्य निर्माण का झूठा आरोप लगा ग्रामीणों को भड़का के सालो से बनी दूकान को तोड़कर स्वयं डकैत पूर्व सरपंच की आई चोरी पकड़ तो उठे बिलबिला, और ग्राम के पंच को ही बता दिया बाहरी, ताकि फूटे नहीं भांडा, करनी का सजा भुगतने त्यार हो जाए घोटाले बादशाह पूर्व सरपंच सरगीपाल पंचायत — जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी नरेंद्र भवानी

BY-Naveen Shrivastava

ग्राम पंचायत सरगीपाल में पूर्व सरपंच एवं सचिव और अधिकारियों द्वारा मिलीभगत से किया गया लगभग 25 लाख का घोटाला हो 420 में प्रकरण दर्ज — जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी नरेंद्र भवानी

तालाब सफाई के नाम पर 30 हजार, तो फर्जी बिल व्यय पर 28000 हजार, एवं बेल न्यौता कार्य हेतु 20000 हजार सन 2016 – 2017 में डकार गए पूर्व सरपंच सचिव एवं अधिकारी हो कानूनी कार्यवाही, हो पंचायती अधिनियम द्वारा कार्यवाही मिले सजा — जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी नरेंद्र भवानी

श्रद्धांजलि योजना में फर्जी राशि व्यय जो सन 09/03/2018 को चार हितग्राही दिखा डकारे 8000 हजार रूपए एवं, सन 5/09/2017 में डकारे 20000 हजार रूपए जिस हितग्राही का नाम से हुवा व्यय स्व. गुरु /पिता लखमू ऐसा कोई व्यक्ति ग्राम में है ही नहीं हो शक्त से शक्त कानूनी कार्यवाही — जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी नरेंद्र भवानी

मुरुम व मलबा एवं मिटटी ढुलाई कार्य में पूर्व सरपंच के रिस्तेदार सोनसिंह नाग द्वारा सन 4/8/2015 से 31/08/2017 तक 164350 एक लाख चौसठ हजार तीन सौ पचास रूपए का राशि फर्जी काम दिखा के डकारे जबकि जमीनी स्तर में ऐसा कोई भी ढुलाई का कार्य कभी हुवा ही नहीं चोरी एवं धोखा धाड़ी में मामला हो दर्ज मिले सजा — जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी

मामले में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री नरेंद्र भवानी एवं सम्बंधित पंचायत के पंच सरपंच एवं पार्टी के पदाधिकारी संग पत्र वार्ता लेकर, जगदलपुर विधानसभा के ग्राम पंचायत सरगीपाल के पूर्व सरपंच एवं सचिव और राशि अदा करने वाले तात्कालीन अधिकारी और सर्वेयर पर करीब करीब 25 लाख की राशि का घोटाला को तथ्यों के साथ खुलासा करते हुए, बस्तर पुलिस अधीक्षक से निवेदन कर इतने बड़े खुले घोटाले में ( चारसौ बीसी, धोखा धाड़ी, चोरी,) जैसे गंभीर धाराओं से इन सभी भ्रष्ठाचार करने वालो के ऊपर एफ. आई. आर. कर जेल की हवा खिलाये ताकि फिर किसी जनप्रतिनिधि की इतनी हिम्मत ना हो की जनता का पैसा बेबाक तरीके से डकार लिया जाए और कोई आवाज भी बुलंद ना करे

यही नहीं मामले में तथ्यों के आधार पे ही भवानी ने कहां की इस मामले में एक जांच रिपोर्ट पेस की गई है जिसमे सिर्फ 1 लाख का रिकवरी ! एजेंसी एवं पूर्व सरपंच टीम पे है, जबकि यह जांच रिपोर्ट भी फर्जी है पुनः उच्चस्तरीय जांच कर यह जनता का 25 लाख रुपया पूर्व सरपंच समूह एवं एजेंसी से वसूला जाए पंचायती अधिनियम धारा अनुसार अगर ऐसा नहीं हुवा तो अगला विधानसभा सत्र में इस कृतिय का जवाब जिम्मेदार अधिकारी को अपनी नौकरी गवा के देनी होगी क्युकी अगर ऐसा नहीं किया गया तो यही माना जाएगा की सब चोर मौसेरे भाई भाई

वहीं खुलासा करते हुए आगे कहे की पूर्व में सरगीपाल पंचायत में अवैद कब्ज़ा का मामला गरमाया था जबकि यह मामला ही फर्जी था कोई अवैद निर्माण जैसा घटना था ही नहीं बल्कि स्थानीय ग्रामीण जो पंचायत का पंच है, कई वर्षो से उसी जगह पे उनका व्यापार है सायकिल का गैरेज है वे अपने सेड निर्माण को सुधार रहे थे क्युकी पेड़ सामने गिरा हुवा था, और इसी पंच जिसका नाम मनीराम नाग है पूर्व सरपंच की लाखो की चोरी पकड़ी गई, जब तात्कालीन सरपंच पंच सवाल किये तो घोटाले बादशाह पूर्व सरपंच बिलबिला उठे और आक्रोश में कुछ स्थानीय ग्रामीण एवं बहार से लोग बुला अवैद निर्माण के नाम पर मार पिट कर गरीब का दूकान उजाड़ दिए हाला की इस मामले में गंभीर लगभग 4 धाराओं से बस्तर पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर ली है जल्द की आरोपी गिरफ्तार होंगे, लेकिन वो कहते है ना जैसी करनी वैसी भरनी

वहीं आगे भवानी ने बताया की इसी मामले में पूर्व सरपंच एवं समूह द्वारा शान्ति को भंग करने का प्रयास में भी है, चुकी पंच जिसपे हमला हुवा वो एक विशेष समुदाय से जुड़े हुवे है जिसका अच्छा खांसा फायदा उठाने जानते है इस चरित्र के लोग, पहले से ही सम्मानीय बस्तर पुलिस को आगाह कर रहा हु अगर ग्राम पंचायत सरगीपाल में धर्म जात के नाम पर उक्त कोई भी संघटन अशांति फैलाने का काम करेगी तो पक्ष कार भी शांत नहीं रहेगा मानव अधिकार तक का दरवाजा खटखटा के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे और आंदोलन भी करना पड़े जरूर करेंगे इसी लिए आगामी एक वर्ष तक ग्राम पंचायत सरगीपाल के आस पास तक किसी भी धार्मिक भीड़ वाली बैठक पे रोक लगाया जाए !

क्या है गड़बड़ी घोटाला… जो धरातल में हुवा ही नहीं लगभग 8 बिन्दुओ में तथ्य दिनांक सहित सम्पूर्ण विवरण

(1) तालाब साफ़ सफाई पर 28/06/2016 को भैरी डोकरी तालाब राशि – 10002

   30/06/2016 को सफाई के नाम पर डांडाबाड़ी तालाब से - 25000

(2) फर्जी बिल व्यय मुरुम डम्पिंग हेतु कहां डंप किये स्थल की जानकारी उपलब्ध ही नहीं ( गणेश नेताम ) के नाम पर 28000 हजार रूपए गमन

(3) बेल न्यौता कार्य में 20000 का गमन 26/09/2017 को*

(4) श्रद्धांजलि योजना राशि व्यय दिनांक 9/03/2018 को लगभग 4 लोगो के नाम पर 2000 हजार की राशि का गमन जिसमे से एक ही का नाम अंकित और वो नाम भी गांव का नहीं

 ठीक इसी प्रकार 5/09/2017 को एक ही बार में 20000 हजार की राशि व्यय क्या एक ही दिन 10 लोगो की मृत्यु एक ही गांव में हुई क्युकी प्रति दुखित परिवार को 2 हजार की श्रद्धांजलि राशि स्वीकृत होती है किन्तु यहाँ तो मांजरा ही कुछ और

(5) मुरुम व मलबा एवं मिटटी ढुलाई का फर्जी कार्य में 164350 रुपया का राशि गमन वो भी अपने रिस्तेदार को एजंसी बना पुरे 4/08/2015 से 31/08/2017 तक यह कार्य करना बताया गया है जबकि ऐसा कोई कार्य नहीं हुवा है जहां जहां स्थल बताया गया है वहा वहा कोई मुरुम गिट्टी या मट्टी का डम्पिंग नहीं हुवा है और कौन सा मुरुम मिटटी का इतना रेट है जो कही 9 हजार कही 12 हजार तो कही 37 हजार वो भी एक ही दिनांक दिन में इतना माल का डम्पिंग कोई कैसे कर सकता है !

(6) कच्ची नाली निर्माण व मजदूरों पर व्यय राशि का गमन

  सन 2018 के 6 छटवे माह में 30 तारीख को मजदुर भुगतान ( रेंदुपारा में 34452 रुपय जिसमे मजदुर का नाम उपलब्ध नहीं है ) वहीं ठीक फिर इसी दिनांक में ( सड़क पारा पे नाली निर्माण हेतु 34452 रूपए यहा भी मजदुर का नाम उपलब्ध नहीं )  फिर इसी माह के 23 तारीख को ( जूनापारा मजदुर भुगतान 20880 रुपय यहाँ भी मजदुर का नाम अंकित नहीं है )

अब सन 2018 के सातवे और आठवे महीना का विवरण जिसमे ( 20/07 को खांसपारा गली सड़क मरम्मत पे 11000 मजदुर का नाम उपलब्ध नहीं ) ( 25/07 को हिरमापारा निर्माण मजदूरी राशि 27144 यहाँ भी मजदुर का नाम उपलब्ध नहीं ) अब ( 07/08 में डोंगरी पारा नाली निर्माण में 34452 रुपया भुगतान मजदुर का नाम उपलब्ध नहीं ) ( फिर 28/10/2017 को डोंगरीपारा में नाली निर्माण 29928 रूपए भुगतान मजदुर का नाम उपलब्ध नहीं ) और ( 25/06/2015 को पटेल पारा चुना भट्टी पारा में सफाई कार्य 25500 रुपय मजदुर का नाम उपलब्ध नहीं )*

जबकि यह एक भी कार्य धरातल पर हुवा नहीं और 217808 की मोटी रकम डकारे गए*

(7) डाटा एंट्री एवं चपरासी भुगतान राशि गमन 13/02/2018 को कु.खेमबती नामक युवती को 9000 हजार का राशि तब्खवाह के रूप में दिया गया जबकि इस नाम की युवती कभी कार्यरत थी ही नहीं*

(8) भूमि सुधार कार्य मनरेगा योजना के अंतर्गत सन 2015 – 2016 तक विवरण /

( कार्य का नाम भू सुधार हितग्राही का नाम दयनिधि पिता बुदू एजेंसी का नाम ग्राम पंचायत जामावाड़ा राशि 10103 दिनांक 01/04/2018 )*

( कार्य का नाम भू सुधार हितग्राही का नाम दयनिधि पिता बुदू एजेंसी का नाम ग्राम पंचायत सरगीपाल राशि 18256 दिनांक 16/05/2016 )*

( कार्य का नाम भू सुधार एवं मेड निर्माण कार्य / हितग्राही का नाम दयनिधि पिता बुदू / एजेंसी का नाम सरपंच ग्राम पंचायत सरगीपाल राशि 32082 दिनांक 23/05/2016, 29/05/2016, 30/05/2016, 06/06/2016, में टोटल 50338 रूपए )*

( कार्य का नाम भू सुधार एवं मेड निर्माण / हितग्राही का नाम दयनिधि पिता बुदू एजेंसी का नाम सरपंच ग्राम पंचायत लिखा हुवा है बस / दिनांक 06/0406/2016 से 19/06/2016 तक में टोटल अमाउंट 95359 का राशि व्यय दिखता है )*

जबकि ग्रामीण दयनिधि जी को ऐसा कोई कार्य के बारे में जानकारी तक नहीं और इसे ही हितग्राही बना लाखो डकारे पूर्व सरपंच सचिव और तात्कालीन अधिकारी ( इस योजना के तहत सिर्फ एक ही हितग्राही नहीं बल्कि दयनिधि के अलावा दिनांक 14/12/2015 में 4 और ऐसे हितग्राही है जिनके नाम से भू सुधार एवं मेड निर्माण का कार्य स्वीकृत कर लाखो रुपय का बंदर बाट किया गया है नाम इस प्रकार है :- विजय / भोलाराम सरगीपाल, सोनिया चिंगड़ू / सरगीपाल, राम नाथ / सामो सरगीपाल, नीमसर / सोनूराम सरगीपाल

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