छत्तीसगढ़

रेल दुर्घटना मे 300 से अधिक मौतों के बाद भी कोई जवाबदेही क्यों तय नहीं?

रायपुर। रेल दुर्घटना पर अभी तक किसी के द्वारा न नैतिक जबाबदरी ली गयी हैं और न ही कोई राजनैतिक जबाबदारी लेने सामने आया है.। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार रेल दुर्घटना मे इतनी बड़ी मौतो के बाद अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है.। बालासोर, उड़ीसा में भयावह ट्रेन दुर्घटना को हुए तीन दिन से अधिक बीत चुके है क्या मानवीय व नैतिक आधार पर शीर्ष पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही नहीं तय की जानी चाहिए? विशेषज्ञों, संसदीय समिति, कैग रपोर्ट की चेतावनियों व सुझावों को नजरंदाज करने के लिए कौन जिम्मेदार है? घटना के वास्तविक कारणों से ध्यान भटकाने सीबीआई जाँच की नौटंकी की जा रही सीबीआई तकनीकी खामियों की जाँच कैसे करेगी उसके पास कौन सी तकनीकी टीम हैं.।
शुक्ला ने कहा कि भारतीय रेल रोज़ाना करीब 2.2 करोड़ से ज़्यादा यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाती है, मतलब ऑस्ट्रेलिया की पूरी जनसंख्या के लगभग लोग इस देश की रेल की पटरियों से रोज़ सफऱ करते हैं और ऐसे लोगों के सफऱ की चिंता करने के बजाय मोदी सरकार दोष मढऩे, कहानियाँ रचने और इन्द्रजाल बनाने में लगी हुई है। 3 दिन पहले 288 लोग मतलब कऱीब 300 लोगों की जान चली गई है और आज भी इस सवाल का जवाब नहीं है लेकिन सरकार किसी भी तरह की जि़म्मेदारी से मुँह मोडऩे में मशगूल है। तो कल जब हम और आप रेल से सफऱ कर रहें हो तो याद रखियेगा आप अपने रिस्क पर हैं क्योंकि कल किसी की कोई जि़म्मेदारी नहीं होगी। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक़ राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष में 79 प्रतिशत फंडिंग कम किए जाने का कारण क्या है? ट्रैक की मेंटेनेंस के लिए राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष के लिए सालाना 20,000 करोड़ रुपए के जिस बजट का वादा किया गया था, वो क्यों आवंटित नही हुआ। 3,00,000 से ज़्यादा पद रेलवे में रिक्त क्यों पड़े हुए हैं? 8,000 पद जो पीएमओ और कैबिनेट कमेटी द्वारा भरे जाने थे, वे क्यों नहीं भरे गए?लोको चालक, जो अत्यंत संवेदनशील और सुरक्षा से संबंधित कार्य करता है, उससे 12 घंटे से ज़्यादा ड्यूटी क्यों कराई जा रही है? लोको चालकों को कमी क्यों है?
उन्होंने कहा कि रेलवे में खाली पड़े पदों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फंड की कमी के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होगी?लाल बहादुर शास्त्री जी, नीतीश कुमार जी, माधव राव सिंधिया जी के नैतिक रास्ते का पालन करते हुए क्या रेल मंत्री जी को इस्तीफा नहीं देना चाहिए?

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