किसानों का नहीं उठ रहा धान का दाना, कम पड़ रहा है धान खरीदी केन्द्रों में बारदाना–मुक्तिमोर्चा

किसानों का नहीं उठ रहा धान का दाना, कम पड़ रहा है धान खरीदी केन्द्रों में बारदाना–मुक्तिमोर्चा

बस्तर ब्लाक पहुंच मुक्तिमोर्चा ने हड़ताल में बैठे सचिवों/ रोजगार सहायक संघ की मांग को दिया समर्थन, धान खरीदी केन्द्र में सुनी किसानों की समस्या– मुक्ति मोर्चा

ग्राम सभा बुलाओ अधिकार पाओ अभियान व किसानों के अधिकार के आंदोलन संचालन का किया ऐलान– मुक्ति मोर्चा

BY-Navin shrivastava

बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संयोजक नवनीत चांद व जिला संयोजक भरत कश्यप के नेतृत्व में बस्तर ब्लाक का दौर में पहुंच सचिव व रोजगार सहायक संघ के द्वारा अपनी मांगों को लेकर किये जा रहे हड़ताल में पहुंच उनकी जायज मांगों को समर्थन देते हुए मुक्ति मोर्चा के संभागीय संयोजक नवनीत चांद ने कहा कि बस्तर पांचवीं अनुसूची क्षेत्र है जहां विधानसभा व लोकसभा से भी ज्यादा महत्व ग्राम सभा की होती है, ऐसे में ऐसे सर्वोच्च सभा का सचिव पद अनियमित कैसे हो सकता है? ऐसे में राज्य सरकार द्वारा चुनाव से पूर्व किये गये घोषणा पत्र को अब तक अमल ना करना बस्तर के कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है। व बस्तर वासीयों से किये गये वादे से मुखरना धोखाधड़ी करना जैसा है। सरकार के अन्याय के खिलाफ बस्तर की ग्राम सभा में न्याय की गुहार लगाने हेतु बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा ग्राम सभा बुलाओ अधिकार पाओ अभियान चलाकर ना केवल सचिवों बल्कि रोजगार सहायक/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/ मितानिन एवं अन्य सभी ग्राम पंचायतों में सेवा देने वाले कर्मचारियों का जायज मांगों को पूरा करवाने हेतु ग्राम सभा का प्रस्ताव पारित करवा बस्तर के जनप्रतिनिधियों जिला प्रशासन व जनजाति सलाहकार परिषद व बस्तर विकास प्राधिकरण के माध्यम से राज्य सरकार व राज्यपाल को पालनार्थ हेतु भेजा जायेगा। वहीं बस्तर ब्लाक के धान खरीदी केन्द्र का निरीक्षण कर किसानों की समस्या सुनी गई किसानों ने बताया कि धान बेचने के टोकन में 50% बारदाना स्वंय व 50% बारदाना धान खरीदी केन्द्र से मिलता है। जो नियम विरुद्ध है उक्त समस्या को देख मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक भरत कश्यप, शहर संयोजक सोभा गंगोत्री व ब्लाक संयोजक शीबो कश्यप ने कहा कि बस्तर ब्लाक के धान खरीदी में अब तक 32हजार क्विंटल से अधिक धान खरीदी किया गया है। पर अब तक धान उठाओ मात्र 18सौ क्विंटल हुआ है। वहीं धान स्टाक करने हेतु बनाये जा रहे चबूतरे भी अर्धर्निर्मित है। जिसे आगामी दिनों में धान रखने व उसे नुकसान से बचाने में असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा। यह उत्पन्न परिस्थिति धान खरीदी योजना के प्रति जनप्रतिनिधियों की उदासीनता, जिला प्रशासन की लापरवाही व राज्य सरकार की गैर जिम्मेदारीता दर्शाता है। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा ऐसी किसानों की लापरवाही का घोर निन्दा करता है व राज्य सरकार जिला प्रशासन से अपिल करता है कि धान खरीदी केन्द्रों में बर्ती जा रही लापरवाही से किसानों को हो रही परेशानी व राज्य सरकार की वादाखिलाफी का निराकरण अपने वादों को पूरा कर के करें। यदि उचित समय में कर्मचारियों व किसानों का समस्या का निराकरण नहीं होता है तो बस्तर वासीयों आंदोलन का बाध्य होगा। इस उक्त कार्यक्रम में उपस्थित थे शहर महिला अध्यक्ष शोभा गंगोत्री, शहर महामंत्री सुनिता दास, बस्तर ब्लाक संयोजक शीबो कश्यप, लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक संयोजक तुलसी सेठिया, मीना कौर व सचिव/रोजगार सहायक संघ एवं किसानों आदि

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