3 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बर्खास्त, पर्यवेक्षक समेत तीन कार्यकर्ताओं का रोका गया वेतन

ग्वालियर। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में लापरवाही का मामला सामने आया है. जिसके बाद ग्वालियर में तीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं बर्खास्त कर दिया गया है. इस योजना से जुड़े दायित्व में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गई है. तीनों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रामसनेही, रेनू श्रीवास्तव और कीर्ति को पद से हटा दिया गया है. इसके साथ ही केंद्र पर अनुपस्थित रहने पर डबरा की पर्यवेक्षक सहित जिले की तीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर एक्शन लिया गया है. आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक विमला राजपूत और तीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को चेतावनी पत्र जारी कर वेतन रोका गया है.

लाडली बहना योजना के उद्देश्य

दरअसल सहभागिता दर में ग्रामीण क्षेत्र अन्तर्गत जहां 57.7 प्रतिशत पुरूष भागीदारी है, वही मात्र 23.3 प्रतिशत महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी है. इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में 55.9 प्रतिशत पुरूषों के विरूद्ध केवल 13.6 प्रतिशत महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी रही है. इससे स्पष्ट है कि महिलाओं की श्रम में भागीदारी पुरूषों की अपेक्षा कम है, जो उनकी आर्थिक स्वावलम्बन की स्थिति को प्रभावित करता है.

इस परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वालम्बन उनके और उन पर आश्रित बच्‍चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार और परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज ने 28 जनवरी 2023 को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में ’’मुख्‍यमंत्री लाड़ली बहना योजना’’ लागू किये जाने की घोषणा की थी. जिससे प्रतिमाह 1000 रुपए महिलाओं को दिए जाएंगे. यह महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण और आर्थिक स्वावलम्बन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

योजना के क्रियान्वयन से न केवल महिलाओं, उन पर आश्रित बच्‍चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार परिलक्षित होगा, बल्कि महिलाएं अपनी प्राथमिकता के अनुसार व्यय करने के लिए आर्थिक रूप से पहले की अपेक्षा अधिक स्वतंत्र होंगी. महिलाएं प्राप्त आर्थिक सहायता से न केवल स्थानीय उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर स्वरोजगार/आजीविका के संसाधनों को विकसित करेंगी, बल्कि परिवार स्तर पर उनके निर्णय लिये जाने में भी प्रभावी भूमिका का निर्वहन कर सकेंगी.

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