ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स के लिए नई ई-पासबुक सेवा शुरू, जानिए इसमें क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं…

ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स के लिए सरकार ने एक नई ई-पासबुक लॉन्च की है. यह ई-पासबुक पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक है और सदस्यों के ईपीएफ खाते के बारे में अधिक विस्तृत जानकारी प्रदान करेगी. इसे केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने लॉन्च किया था.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एक बयान जारी कर कहा कि नई पासबुक में सदस्य अब अपने खाते के बारे में अधिक विवरण ग्राफिकल प्रतिनिधित्व के साथ देख सकेंगे. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2023 में 14.86 लाख सदस्य ईपीएफओ से जुड़े हैं.

इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

जारी बयान के अनुसार, बोर्ड ने पोर्टफोलियो प्रबंधकों के एएमसी का विस्तार करने और ईटीएफ की आय को निर्धारित सीमा के भीतर निवेश की किसी भी स्वीकार्य श्रेणी में निवेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. इसके अलावा बयान में कहा गया है कि बोर्ड ने ईपीएफओ और एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के बीच हुए एमओयू को भी मंजूरी दे दी है.

बजट तय

ईपीएफओ में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था सीबीटी की 233वीं बैठक में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ईपीएफओ की योजनाओं के लिए वित्त वर्ष 2022-23 के संशोधित अनुमानों और वित्त वर्ष 2023-24 के अनुमानित बजट को मंजूरी दे दी. इसके साथ ही बोर्ड ने ईपीएफओ के भौतिक बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 2200 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दी.

ईपीएफ पर ब्याज

सरकार की ओर से ईपीएफ खाते पर दी जाने वाली ब्याज दर तय कर दी गई है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर 8.15 फीसदी तय की गई है. पिछले साल ईपीएफ पर ब्याज दर 8.10 फीसदी थी.

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