गोधरा ट्रेन अग्निकांड मामले के दोषियों की जमानत पर सुनवाई 10 अप्रैल के लिए टली

नई दिल्ली. साल 2002 के गोधरा ट्रेन आगजनी मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कई दोषियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट  में 10 अप्रैल तक के लिए टल गई है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने एक आरोपी की पत्नी को कैंसर की वजह से उसकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ा दी. सुप्रीम कोर्ट 2002 के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगाकर 59 लोगों को जिंदा जलाए जाने के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अब्दुल रहमान धंतिया, अब्दुल सत्तार इब्राहिम गद्दी समेत कुल 27 दोषियों की तरफ से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा है.

यह भी पढ़ें

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा हम सुनवाई के लिए सोमवार या बुधवार को लिस्ट करते हैं. एसजी तुषार मेहता ने कहा अगर इसको छुट्टियों के बाद लगाया जाए तो ठीक रहेगा.

गुजरात सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि यह केवल पथराव का मामला नहीं था. दोषियों ने साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी को बंद कर दिया था, जिससे ट्रेन में सवार 59 यात्रियों की मौत हो गई थी और सैकडों लोग घायल हुए थे. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया था कि कुछ लोग कह रहे हैं कि उनकी भूमिका सिर्फ पथराव थी. लेकिन जब आप किसी बोगी को बाहर से बंद करते हैं, उसमें आग लगाते हैं और फिर पथराव करते हैं, तो यह सिर्फ पथराव का मामला नहीं है.

Related Articles

Back to top button