देश हित सबसे ऊपर, दबाव में न हो कोई समझौता’, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का बयान

कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता भारत के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए ही किया जाना चाहिए और किसी भी दबाव में समझौता नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि यह समझौता संतुलित और निष्पक्ष होना चाहिए, और कृषि क्षेत्र को इससे बाहर रखा जाए, ताकि भारतीय किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि जो लोग भारत की ओर से इस समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, वे राष्ट्रहित और देश के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेंगे’। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाना चाहिए और किसी बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को कमजोर करने का भागीदार नहीं बनना चाहिए
भारत का दृष्टिकोण अलग, अमेरिका से समानता के साथ हो बातचीत’
आनंद शर्मा ने कहा कि अमेरिका भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है, लेकिन भारत की अपनी प्राथमिकताएं और चुनौतियां हैं। ‘बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए और देश की हकीकत को ध्यान में रखकर निर्णय होना चाहिए। किसी दबाव में समझौता नहीं किया जाना चाहिए।’ उन्होंने जोर दिया कि दूध और कृषि क्षेत्र को पूरी तरह से नहीं खोला जा सकता क्योंकि ये बहुत संवेदनशील क्षेत्र हैं और किसानों, छोटे उत्पादकों और घरेलू बाजार से जुड़े हैं।
भारत को भी समझौते से क्या मिलेगा, ये देखना होगा’
कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और भारत को भी समझना होगा कि उसे इस समझौते से क्या लाभ मिलेगा। ‘हमारी प्रति व्यक्ति आय लगभग 2,500 डॉलर है, जबकि अमेरिका की 70,000 डॉलर। ऐसे में निर्णय बहुत सोच-समझकर और संतुलित तरीके से होना चाहिए
अमेरिका चाहता है ज्यादा पहुंच, भारत ने दिखाई सख्ती
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द हो सकता है। उनका कहना है कि इस समझौते से अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिल सकती है। हालांकि, भारत ने साफ कर दिया है कि वह जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेगा और केवल तभी हस्ताक्षर करेगा जब पूरा प्रस्ताव देश के हित में होगा।
भारत ने अमेरिका की मांगों के जवाब में कृषि और डेयरी क्षेत्र में कोई शुल्क रियायत देने से इनकार किया है। अभी तक भारत ने किसी भी देश से किए गए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में डेयरी सेक्टर को शामिल नहीं किया है। भारत चाह रहा है कि अमेरिका 26% अतिरिक्त शुल्क हटाए, साथ ही स्टील, एल्युमिनियम और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर लगे उच्च टैरिफ में भी राहत दी जाए। बता दें कि अमेरिका ने 2 अप्रैल को भारत समेत कई देशों पर भारी शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जिसे पहले 9 जुलाई और अब 1 अगस्त तक टाल दिया गया है



