ना जाने हवाओं की हंसी से क्या दुश्मनी है। जो मासूम हंसी है उसे संभाल कर रखना।।


चर्चा -ए- चौराहा : चांदनी चौक..बेबाक अनकही कहानियां (6)
नवीन श्रीवास्तव, लेखक एवं पत्रकार 7692006578
मैं जब कुछ दिनों पहले बलरामपुर जिले में विशेष संरक्षित पंडो जनजाति के आदिवासियों के साथ कुछ दबंग(कहां से आते हैं?) द्वारा की गई बेरहमी से जुड़ी एक खबर पढ़ रहा था ..उसी समय एक और खबर पढ़ने को मिली शीर्षक था …एक …चीतल को कुत्तों ने नोच नोच कर मार डाला ..कितना फर्क है हिंसा में.. बेरहम लोगों या….में कौन है यह कथित दबंग लोग ..जो खरपतवार की तरह इंसानी समाज के शरीर पर उगते हैं और कौन बेशर्म है जो इन्हें खाद पानी देते है ताकि यह फलते फूलते रहे.. व्यवस्था और सत्ता पर बैठे लोग वर्षों से क्या कर रहे हैं इन्हें तो नशे में चूर ..नकली मूंछ धारी ऐसे दबंगई को ही डिलीट करना चाहिए.. मुखोटे धारियों ने बेवजह ही समाज के रास्ते इस तरह कैक्टस लगाए हैं.. हूँ…बहरहाल गत दिवस जगदलपुर शहर में स्थित भाजपा कार्यालय के सामने जहां कांग्रेस और भाजपाई आपस में भिड़ गए ..उसी जगह से कुछ दूर पर एक सभागार है जहाँ एक पोस्टर भी लगा था जिसमें लिखा था — योग ल अपनाना हे कोरोना ल भगाना हे ….खैर इससे कुछ दूर पर एक तिराहा है जो जरूर आगे अग्रसेन चौक को जाता है .. चौक शहर को आंध्रा, उड़ीसा मलकानगिरी सहित सुकमा बचेली,दंतेवाड़ा आदि महत्वपूर्ण स्थानों सेआने- जाने वाले मार्ग से जोड़ता है इस चौक की तस्वीर तो बदली है..पर इसका सौंदर्यीकरण शेष है ..यानी कि अभी अवसर भी सुरक्षित है कि इस चौक को बस्तर के अदभुत प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक बनाया जाए जो इतना खूबसूरत हो कि यह चौक किसी के लिए पते का हस्ताक्षर बन केवल विजटिंग कार्ड में ना रह कर ..इस शहर में आने जाने वालों के जेहन में रहे..दरअसल खूबसूरती एक एहसास है नीयत साफ हो तो इसकी चमक ही अलग होती है.. कुछ भी कठिन नहीं पर विकास और गुणवत्ता युक्त निर्माण कार्य को लेकर कथनी और करनी में भेद खत्म होना चाहिए आपने इस शहर के चांदनी चौक की आप गुजरी ..स्तम्भ के पहले किश्त में पढ़ी होगी..चांदनी चौक जिसके एक तरफ नशेमन शराब की दुकान है दूसरे तरफ ..जिंदगी बचाने अस्पताल..जब तक चौक में विरोधाभास रहेगा तब तक यह बताता रहेगा कि शहर में जनता के लिए होने वाले किसी भी तरह के निर्माण,कार्य योजना को लेकर ..कथनी और करनी में भेद ना रहे ..अब देखना यह है कि शहर के जिम्मेदार ..इस चांदनी चौक से कितना सबक लेते है(जारी)



