चीन में इमरजेंसी लेवल की सेंसरशिप का फैसला

नई दिल्ली. चीन में जीरो कोविड नीति के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को सीमित करने के लिए शी जिनपिंग सरकार इमरजेंसी लेवल का सेंसरशिप लगाने का फैसला किया है। सरकार देश में वीपीएन (VPN) और ऑनलाइन सेंसरशिप को बायपास करने के किसी भी अन्य तरीके को प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, वीबो और वीचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म प्रदर्शनकारियों के लिए संचार सबसे बड़ा हथियार बन गए हैं। हालांकि, चीनी अधिकारियों की इन पर कड़ी निगरानी चल रही है फिर भी यूजर्स वीपीएन के जरिए विदेशी वेबसाइट तक पहुंचने का तरीका खोज ले रहे हैं। चीन में फेसबुक, ट्विटर से लेकर वॉट्सएप तक बैन है। इनकी जगह लोग चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।

चीन में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग अपनी आवाज को दुनिया तक पहुंचाने के लिए चीन के ‘ग्रेट फायरवॉल’ को भी चमका दे दे रहे हैं। चाइना डिजिटल टाइम्स की ओर से प्रदान किए गए ट्रांसलेटर के अनुसार, इमरजेंसी लेवल का निर्देश सरकार की चिंताओं को दर्शाता है। यह इमरजेंसी लेवल इंटरनेट रिस्पॉन्स, कंटेंट मैनेजमेंट का उच्चतम स्तर है। चीन में 24 नवंबर को उरुमकी के एक अपार्टमेंट में आग की घटनाओं के बाद लोग सड़क पर उतर आए थे। इस हादसे में 10 लोगों की जलने से मौत हो गई थी।

आग की घटना के बाद देशभर में शुरू हो गया था विरोध

घटना के बाद अपार्टमेंट के लोगों ने आरोप लगाया कोरोना प्रतिबंधों के पालन के लिए तैनात अधिकारियों ने लोगों को अपार्टमेंट से बाहर नहीं निकलने दिया था। जिसकी वजह से 10 लोगों की जान चली गई। देखते ही देखते देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। लोग अब जीरो कोविड नीति को हटाने की मांग पर अड़े थे। शंघाई में जिनपिंग सरकार के खिलाफ नारे लगे। कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों की ओर से राजनीतिक सभाएं हुईं। विदेशी मीडिया ने चीन में हो रहे विरोध को हाथों हाथ लिया। वीबो और वीचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विरोध प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें शेयर की गई। जिसकी वजह से प्रदर्शन और तेज हो गया।

चीनी अधिकारियों ने देश में इंटरनेट को कड़े नियंत्रण में रखा है और लगभग सभी विदेशी समाचार और सोशल मीडिया मंच की पहुंच रोकने के लिए जटिल बहुस्तरीय सेंसरशिप ऑपरेशन को अंजाम देते हैं। चीन में राजनीतिक रूप से संवेदनशील शब्दों या चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की आलोचना वाले शब्दों को इंटरनेट पर प्रतिबंधित विषयों में शामिल किया गया है। इसलिए प्रदर्शन के जारी हो रहे वीडियो को तत्काल हटा दिया जा रहा है।

विरोध प्रदर्शन के बाद जीरो-कोविड नीति में ढील

जीरो-कोविड नीति के विरोध के बाद चीन के शीर्ष औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र ग्वांगझू में कुछ क्षेत्रों में अस्थायी प्रतिबंध हटा दिए गए और संक्रमित लोगों के करीबी संपर्क में आए लोगों को पृथक केंद्रों के बजाय घरों में अलग रहने की अनुमति दी गई। सरकारी मीडिया में आईं खबरों में कहा गया है कि बीजिंग, शिजियाझुआंग, ताइयुआन समेत कई अन्य शहरों में कोविड पाबंदियों में ढील देने की घोषणा की गई है।

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