एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव जोधपुर में मिला , मौके पर FSL सहित अन्य टीमें

राजस्थान के जोधपुर जिले के लोहावट में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव मिलने से सनसनी मच गई है। यह घटना जिले के पिलवा के विश्नोई की ढाणी में घटित हुई। सभी के शव टांके में मिले हैं। घटना की सूचना मिलने पर सीआई बद्रीप्रसाद जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। मौके पर एफएसएल सहित अन्य टीमों को बुलाया गया है।

राजस्थान में चुनाव नजदीक आते ही मंत्रियों ने अफसरों पर हमलावर हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीना ने आऱएएस अधिकारी शिवचरण मीना को गेट आउट कहते मीटिंग से बाहर निकाल दिया। दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री गुरुवार को दौसा जिले के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की लेटलतीफी पर नाराजगी जताई। दौसा कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के दौरान विधायक कोष से स्वीकृत किए कार्यों में लेटलतीफी को लेकर जिला परिषद के सीईओ शिवचरण मीणा को ‘गेट आउट’ कहते हुए मीटिंग से बाहर निकाल दिया। बताया जाता है कि दौसा जिला परिषद की सीईओ शिवचरण मीना मंत्री मुरारी लाल मीना के पसंद के माने जाते हैं। मुरारी लाल मीना पायलट कैंप के मंत्री है। मंत्री परसादी और मुरारी लाल की दौसा का राजनीति में अदावत जगजाहिर है। मंत्री परसादी लाल ने सचिन पायलट को बाहरी बताते हुए सीएम बनाने का विरोध किया था। जवाव में मुरारी लाल ने परसादी लाल को चुनाव में देख लेने की धकमी दी थी। मुरारीलाल दौसा से विधायक का चुनाव जीतकर मंत्री बने हैं, जबकि परसादी लाल दौसा जिले की लालसोट विधानसभा से चुनाव जीतकर मंत्री बने है। सचिन पायलट ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते परसादी लाल को टिकट नहीं दिया था। परसादील लाल ने निर्दलीय चुनाव जीतकर सचिन पायलट को चुनौती दी। राजस्थान की राजनीति में परसादी लाल गहलोत कैंप के मंत्री माने जाते हैं।

 

मंत्री फटकार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, लाइव हिंदुस्तान वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा की नाराजगी को देखते हुए बिना देर किए आरएसएस अधिकारी भी बैठक से निकलकर सीईओ जिला परिषद कार्यालय पहुंच गए, इस बीच  उनको ‘गेट आउट’ करने वाली बात का वीडियो वायरल हो गया। मीणा ने बिजली-पानी सड़क, रसद समेत कई विभाग के अधिकारियों की भी क्लास लगाई. बैठक के आखिरी में पीएमओ डॉ. शिवराम मीणा से पूछा गया कि पिछले 2 महीनों से पीपीपी मोड पर संचालित लैब बंद हैं तो समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि एक भी मरीज की जांच बाहर नहीं होनी चाहिए और अगर कोई बाहर जांच होती है तो उसका पेमेंट पीएमओ के जरिए होगा।इस दौरान पीएमओ ने दलील दी कि उनके पास जांच का कोई बिल नहीं आया है तो मंत्री ने कहा कि आपने बिल असेप्ट करने के लिए किसी व्यक्ति को अधिकृत कर रखा है क्या ? जब पीएमओ से कोई संतोषप्रद जवाब नहीं लगा तो मंत्री ने पीएमओ को भी फटकार लगाई और कहा कि व्यवस्थाएं सुधारो।

 

परसादी को मिला खाचरियावास का साथ 

स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल के फटकार वाले मामले पर उन्हें मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का साथ मिला है। खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने परसादी लाल को नायक बताया है। उन्होंने कहा कि परसादी लाल सीनियर व्यक्ति है। सोच समझकर ही कहा है। अधिकारी लापरवाह हो गए है। खाचरियावास ने कहा कि धीर गंभीर वाला आदमी ऐसी बात कर रहा है तो मामला गंभीर है। परसादी लाल को सीएम गहलोत से बात करना चाहिए। ऐसे अधिकारी को तो फील्ड में पोस्टिंग की जरूरत नहीं है। खाचरियावास ने कहा कि विधायक, सरकार और विपक्ष सब जनता के लिए काम कर रहे हैं। अधिकारी निकम्मे है  तो समझ लेना चाहिए।

 

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