जामा मस्जिद चुनाव बेरोजगारी,शिक्षा,स्वास्थ्य से कौम के हालात बदलने की नई सोच,मो.रिजवान

रायपुर जिस उम्र में युवा बिजनेस और अधिक पैसा कमाने की सोच रखते है उस उम्र में यदि कोई युवा कौम की खिदमत करने की सोच रखे तो यह सबके लिए आश्चर्य का विषय हो सकता है परंतु यह भी उतना ही कडूवा सच भी है कि रायपुर शहर के ही राजातालाब नूरानी चौक के एक युवा मोहम्मद रिजवान हमजा खान बहुत ही कम उम्र में कौम की खिदमत करने का जज्बा लिए ऐसा काम कर रहे है कि जो भी उन्हें देखता या उनके कार्यों के बारे में सुनता तो उनके लिए दुआ जरूर करता है अपने वक्त के प्रसिद्ध  मोहम्मद हाशिम खान एडवोकेट के लखते जिगर मोहम्मद रिजवान हम्ज़ा प्रारंभ से ही कौम का जज्बा रखते है यही वजह रही कि राजा तालाब स्थित नई बस्ती की बढ़ती मुस्लिम  आबादी के कारण नूरानी मस्जिद छोटी पढ़ने लगी थी तब युवा सोच के साथ  उन्होंने नई मस्जिद निर्माण के लिए मुहल्ले के बुजुर्गों,युवाओं को साथ लेकर योजना प्रारंभ की उनके जज्बे को देखते हुए उन्हें नव निर्मित नूरे नबी मस्जिद की तामीर का महती जिम्मेदारी सौंपी इस सोच के साथ की नव जवान क्या कर सकेगा और उन्हे पहला सदर नूरे नबी मस्जिद नई बस्ती राजातालाब का बनाया गया जिस पर यकीन करना बड़ा दुरूह था मगर कौम की खिदमत और अल्लाह के इबादत खाना बनाने के जज्बे ने उन लोगों की सोच को बदल कर रख दिया जो ये सोचते थे कि मोहम्मद रिजवान हम्ज़ा जैसा नव जवान इतनी बड़ी जिम्मेदारी को कैसा पूरा करेगा परंतु कहते है जिसके दिल में नेक नियत हो और साथ ही अल्लाह का करम हो वह भला दुनियां में कैसे नाकाम हो सकता है बहुत ही कम समय में मोहम्मद रिजवान हमजा ने राजातालाब नई बस्ती में नूरे नबी मस्जिद की तामीर करवा कर एक इतिहास रच दिया ऐसी खूबसूरत मस्जिद तामीर से पूरे मुहल्ले में उनके कार्यों और कौम की खिदमत को लेकर चर्चा होने लगी और उन्हे बगैर किसी विरोध के नूरानी मस्जिद में सदर की गरिमामयी पद पर भी चुन लिया गया अब उनके युवा कंधों पर दोहरे जिम्मेदारी का बोझ था नूरे नबी मस्जिद के साथ मुहल्ले की सबसे पुरानी नूरानी मस्जिद को भी नया आकार देना था तब उन्होंने भविष्य की बढ़ती मुस्लिम आबादी को ध्यान में रखते हुए नूरानी मस्जिद को डबल स्टोरी निर्माण की बात जुमे की नमाज में रखी और सर्व सहमति से बहुत कम समय में नूरानी मस्जिद का काम प्रारंभ हो गया छ से आठ माह के अल्प अंतराल में उन्होंने नूरानी मस्जिद की काया कल्प कर दी और उसके स्थान पर एक बेहद खूबसूरत डबल स्टोरी मस्जिद की तामीर करवाकर यहां भी कथनी और करनी पर खरा साबित हुए इस मामले में जब मोहम्मद रिजवान हम्ज़ा से चर्चा की गई तो उनका मत है कि मेरी कोई हस्ती नही यह सब अल्लाह का करम और

वह जिससे चाहे काम लेना होता है ले लेता है.. यह तो अल्लाह तआला की नजरे करम और इनायत है कि मुझ जैसे नाचीज़ से काम लिया और मुझे एक नही बल्कि दो मस्जिद की तामीर का सुनहरा अवसर दिया जो सबके सामने है जामा मस्जिद चुनाव लडने के पीछे आपका क्या मंतव्य है पूछने पर नूरे नबी और नूरानी मस्जिद के सदर रिजवान खान कहते है कि यह मंशा मेरी नही बल्कि यहां मुहल्ले के बुजुर्ग और युवा साथियों की सोच है कि मै  कौम के प्रति नई सोच,के साथ परिवर्तन ला सकता हूं जिसमे मुस्लिम कौम के चारो तरफ पसरी हुई बेरोजगारी,भटकते युवा, बच्चे, बच्चियों के,शिक्षा, और लगातार परिवर्तित होते दशा के साथ उनकी दिशा में प्रगति,विकास, उत्थान और रोजगार सृजन की कल्पना को साकार करने का इंकलाबी जज्बा मुझमें दिखता है जिसे बड़े स्तर पर करने के लिए उन्होंने मुझे जामा मस्जिद मुतवल्ली चुनाव लडने की राय दी नूरानी मस्जिद के सदर मो.रिजवान हम्ज़ा आगे कहते है कि जैसा अल्लाह रब्बुल इज्जत  ने स्थानीय मुहल्ले स्तर पर मस्जिद निर्माण करने का मेरा चयन किया यदि वही परवर दीगार आगे भी चाहे तो कौम के खिदमत के लिए मुझे चुन सकता है जामा मस्जिद मुतवल्ली बनने पर आप किस तरह कौम की खिदमत करना चाहते है पूछने पर नूरानी मस्जिद के सदर(मुतवल्ली) रिजवान हम्ज़ा कहते है यकीनन मेरी सोच कौम के बच्चे,युवा, बच्चियों, और बुजुर्गों की खिदमत करने के बहुत से प्लान है जिस पर चलकर कौम के बदतर होते हालात को सुधारा जा सकता है जिनमे मुख्यतः बेरोजगारी,शिक्षा,स्वास्थ्य,है वह नई सोच से ही संभव हो सकता है राजधानी रायपुर के जामा मस्जिद प्रत्याशी के रूप में मैने भी पर्चा दाखिल किया हुआ है मुझे चुनाव चिन्ह चांद तारा मिला है जो कौमी निशान भी है अब यहां राजधानी के मुस्लिम जमात किसे चुनते है  यह उनके अधिकार में है  परंतु उन्होंने एक बात अवश्य कही की अल्लाह जिसे चाहता उससे अपना काम ले लेता है परंतु मैं अपने बुजुर्गों युवा साथियों से ये जरूर कहना चाहूंगा कि कौम के बदतर हालात को देखते हुए परिवर्तन जरूर लाएं और साफ सुथरे प्रत्याशी का ही चयन करे

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