सरगुजा : पूरी रात मूसलाधार वर्षा, कुछ घंटे में ही 90.2 मिली मीटर वर्षा

अंबिकापुर। सरगुजा जिले में बुधवार की रात अचानक लगभग एक घंटा मूसलाधार वर्षा हुई। भारी वर्षा से लोगों के घरों में पानी घुस गया।शहर के कई क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति निर्मित हो गई। नगर के घुटरापारा मझली पीढ़ इलाके में पार्षद को एक्सीवेटर लेकर नगर निगम की टीम के साथ पहुंचना पड़ा।पानी निकासी की व्यवस्था बनाई गई तब जाकर राहत मिली। सुबह जैसा नजारा शहर के विभिन्ना गली गलियारों का दिख रहा है उससे मूसलाधार वर्षा का आंकलन किया जा सकता है। महामाया पहाड़ से उतरने वाला पानी सीधे घुटरापारा मायापुर बस्ती में मलवा कचरा के साथ पहुंच गया और लोगों के घरों में व सड़कों पर पट गया। पहली बार नगर के बांकी नदी में पानी का तेज बहाव नजर आ रहा है। पहाड़ से उतरने वाला पानी नदी में बाढ़ की तरह आ रहा है।

मौसम विभाग के मुताबिक रात में लगभग एक घंटे में 55 मिलीमीटर वर्षा हुई वही पूरी रात 90.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है जो अब तक एक रात में हुई सर्वाधिक वर्षा है। मूसलाधार वर्षा के कारण अब अंबिकापुर में वर्षा का रिकार्ड 700 मिलीमीटर औसत पार हो गया है। शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी वर्षा के कारण खेत जलमग्न हो गए हैं। बांकी नदी में पानी के तेज प्रवाह के कारण पूरे खेत डूब गए हैं। शंकर घाट के समीप पानी का बहाव तेज हो गया है। इस सीजन में पहली बार बांकी नदी में पानी का इतना तेज बहता दिख रहा है।

गौरतलब है कि उत्तर छत्तीसगढ़ में अल्प वर्षा के कारण सूखे की स्थिति निर्मित हो चुकी थी। आषाढ़ व सावन मास में अल्प वर्षा के कारण धान की रोपाई भी किसान नहीं कर पाए थे। भादो मास शुरू हुआ तो वर्षा भी शुरू हुई।इस बीच किसानों ने कुछ बहुत धान की रोपाई कर दी है। धान की रोपाई का काम भी समाप्त हो चुका है। कुछ बहुत खेती संभल गई है। इधर पखवाड़े भर से रुक रुक कर हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण किसानों को बड़ी राहत मिली है।

पूरी रात जागना पड़ा लोगों को

नगर के नवागढ़ व घुटरापारा इलाके में मूसलाधार वर्षा के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया।पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण इस क्षेत्र में यह स्थाई समस्या हो चुकी है। मझली पीढ़ इलाके में पानी भर जाने की सूचना पर रात्रि 11 बजे कांग्रेस नेता मोहम्मद बाबर नगर निगम की टीम के साथ पहुंचे और एक्सीवेटर से पानी निकासी की व्यवस्था कराई तब जाकर लोगों को थोड़ी राहत मिली किंतु पानी इतना भर गया था कि घंटों घरों से पानी निकालना पड़ा

ऐसा सिस्टम अभी और बनेगा

मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि रात 10 बजे से सुबह तक मूसलाधार वर्षा हुई है जो 90.2 मिली मीटर दर्ज की गई है। लगभग 45 मिनट में रात्रि 11 बजे के बीच 55 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। यह अब तक की सर्वाधिक वर्षा है। 90 मिलीमीटर वर्षा के कारण बांधों और नदी नालों में पानी का बहाव व जमाव बढ़ा है। ऐसा सिस्टम अभी और बनेगा। छत्तीसगढ़ झारखंड और ओड़िशा में यह सिस्टम बना है जिसके कारण वर्षा की संभावना बनी हुई है।

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