Bullet Train का तोहफा देने वाले थे शिंजो आबे

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे पर हमले की खबर जैसे ही शुक्रवार सुबह आयी. पूरी दुनिया में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे लेकर प्रार्थना की जाने लगी. जैसे ही यह खबर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कानों तक पहुंची तो उन्होंने एक ट्वीट किया. उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि मेरे प्रिय मित्र अबे शिंजो पर हुए हमले से बहुत दुखी हूं. हमारे विचार और प्रार्थनाएं उनके, उनके परिवार और जापान के लोगों के साथ हैं. आपको बता दें भारत के साथ जापान की दोस्‍ती बहुत ही गहरी है. खासकर पीएम मोदी और शिंजो आबे के बीच रिश्‍ता दोस्‍ताना है.

ऐसा करने वाले पहले प्रधानमंत्री बनें शिंजो आबे

पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की बात करें तो, उनकी गिनती जापान के पहले वैसे प्रधानमंत्री के तौर पर की जाती है जो 2014 में गणतंत्र दिवस के परेड में मुख्‍य अतिथि के तौर पर भारत पहुंचे थे. यह उनके भारत के साथ गहरे संबंध को दर्शाता है. उनकी मेजबानी एक ऐसी सरकार द्वारा की जा रही थी जो मई 2014 में चुनावों का सामना कर रही थी. पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे भारत के साथ अच्‍छे रिश्‍ते चाहते थे. यही वजह रही कि चाहे भारत में यूपीए की सरकार हो या एनडीए की, दोनों में ही जापान के साथ भारत के रिश्‍ते आगे बढ़ते चले गये.

परमाणु समझौते में जापान की भूमिका

बात उस वक्‍त की करें जब पहली बार भारत के प्रधानमंत्री पद पर काबिज होने के बाद नरेंद्र मोदी जापान गये थे, तब भी भारत-जापान परमाणु समझौता अनिश्चित था. यह दौरा पीएम मोदी के लिए अहम था. जापान ने गैर-परमाणु-प्रसार-संधि सदस्य देशों को अपना रुख स्‍पष्‍ट किया. आबे की सरकार ने जापान में परमाणु विरोधी देशों को 2016 में समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मना लिया. यह समझौता अमेरिका और फ्रांसीसी परमाणु फर्मों के साथ भारत के सौदों के लिए महत्वपूर्ण था.

Related Articles

Back to top button