एक बार फिर केंद्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ वासियों के साथ किया जा रहा है सौतेला व्यवहार

रायपुर। छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस प्रवक्ता श्रुति शुक्ला ने बताया कि खरीफ सीजन के शुरुआत में ही छत्तीसगढ़ में रासायनिक खाद के संकट की स्थिति बन गई है स्वीकृत और मांग की तुलना में केंद्र सरकार से पर्याप्त उर्वरक नहीं मिल रहा है इसके बावजूद किसान हितैषी प्रदेश सरकार की तरफ से किसानों को समय से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डा. मनसुख मांडविया व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर उवर्रक उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया है राज्य को यूरिया की कुल आपूर्ति 3.29 लाख टन होनी थी, लेकिन केवल 2.20 लाख टन यूरिया ही मिला है
राज्य में यूरिया की उपलब्धता खरीफ के लक्ष्य के विरूद्ध 62 प्रतिशत है इसी प्रकार राज्य में नाइट्रोजन-फास्फोरस और पोटेशियम (एनपीके) की उपलब्धता खरीफ के लक्ष्य के विरूद्ध 30 प्रतिशत, डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) की उपलब्धता 39 प्रतिशत, पोटाश की उपलब्धता 35 प्रतिशत है आगामी दिनों में समय पर उर्वरक न मिलने से इनकी कमी हो सकती है इतनी विपरीत परिस्थिति में भी केंद्र सरकार गूंगी बहरी बनी हुई है और ऊपर से भाजपा द्वारा राज्य सरकार पर आरोप लगाना शर्मनाक है



