एक्सिस बैंक में 16 करोड़ 40 लाख रुपये के फर्जीवाड़े मामले में बड़ा खुलासा, मामले में चार और आरोपित गिरफ्तार

रायपुर। एक्सिस बैंक में 16 करोड़ 40 लाख रुपये के फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस को कई अहम जानकारी हाथ लगी है। मुंबई, दिल्ली, गुजरात और बेंगलुरु में छापामार कार्रवाई की गई है। मामले से जुड़े चार और आरोपितों को हिरासत में लिया गया है, जो पूरे फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड माने जा रहे सतीश वर्मा के सहयोगी बताए जा रहे हैं। फर्जी लेटर से लेकर पैसे किस खाते में डालने हैं, यह सब इन्हीं के हाथों में था। किराए पर बैंक खाते जुटाए गए और इसके बाद पैसे ट्रांसफर किए गए।
पुलिस ने मामले में पांच आरोपितों को रायपुर से और दो को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। रायपुर के एक एनजीओ का नाम भी सामने आया है। एनजीओ को पैसे का लालच देकर करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। सोमवार को पुलिस ने 20 लाख रुपये और फ्रीज करवाए हैं। अब तक 1.33 लाख रुपये नकद और 1.18 करोड़ रुपये फ्रीज करवाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि पुलिस रिमांड में चल रहे पांच आरोपितों को मंगलवार को कोर्ट में पेश करेगी। पूछताछ में दोनों बैंक के मैनेजर सहयोग नहीं कर रहे हैं। हर सवाल का जवाब न में दे रहे हैं। पुलिस आगे इनकी पुलिस रिमांड लेगी। वहीं हैदराबाद से गिरफ्तार आरोपित सत्यनारायण वर्मा उर्फ सतीश वर्मा और सांई प्रवीण रेड्डी को लेकर टीम रायपुर पहुंचेगी।
सरकारी विभागों पर थी नजर
पुलिस के अनुसार आरोपित सतीश वर्मा लगभग दो माह पहले रायपुर आया था। छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड के अलावा जालसाज कई सरकारी विभागों की रकम के बारे में जानकारी जुटा रहे थे। विभागों में आना-जाना कर रहे थे। रायपुर के अलावा दूसरे राज्यों के सरकारी विभागों की जानकारी इनके पास मिली है। मंडी बोर्ड के अधिकारियों को झांसे में लेकर खाता खुलवाया और फिर पूरी वारदात को अंजाम दिया।
सौरभ और मुस्तफा का अहम रोल
आरोपित सौरभ मिश्रा और कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजर गुलाम मुस्तफा का पैसे ट्रांसफर करवाने में अहम रोल है। रायपुर के अलावा दूसरे राज्यों के खातों में रकम जमा की है। आरोपितों ने कुछ दिन पहले लाखों रुपये उधार लिए थे। इसके बाद फर्जीवाड़ा कर रकम वापस की। जिन-जिन को पैसे दिए गए हैं, उन सबमें खलबली मच गई है।
एक्सिस बैंक के मैनेजर ने लिया घर
मिली जानकारी के अनुसार फर्जीवाड़े के पैसे से आरोपित एक्सिस बैंक मैनेजर संदीप रंजन दास ने रायपुर में एक मकान लिया है। यह मकान किसी और के नाम से लिया गया है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि अगर ऐसा होगा तो सीज की कार्रवाई की जाएगी।
मंडी बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के दायरे में
एक्सिस बैंक में फर्जीवाड़े के बाद एक्सिस बैंक के मैनेजर को गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस ने मंडी बोर्ड से जुड़े लोगों की जांच शुरू कर दी है। विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। पुलिस जांच कर रही है कि आखिर ठगों की बोर्ड से मदद किसने की? पुलिस को शक है कि मंडी बोर्ड से जुड़े अधिकारी-कर्मचरी की साठगांठ से पूरा खेल हुआ है।
छत्तीसगढ़ कृषि मंडी बोर्ड के अतिरिक्त संचालक महेंद्र सिंह सवन्नी ने कहा, इस मामले में आप प्रबंधक संचालक से बात कर लीजिए। मैं कुछ भी टिप्पणी नहीं कर सकता। (लगभग 17 करोड़ फर्जीवाड़े के मामले में कोई विभागीय जांच कमेटी गठित की गई है क्या, पूछे जाने पर)।
रायपुर एडिशनल एसपी क्राइम अभिषेक माहेश्वरी ने कहा, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में कुछ अहम जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने छापामार कार्रवाई की है। 20 लाख रुपये फ्रीज करवाए गए हैं। मामले में आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है।
– मुंबई, गुजरात, दिल्ली और बेंगलुरु में छापा
– आज खत्म हो रही पुलिस रिमांड, कोर्ट में पेश कर पुलिस लेगी पीआर
– 16 करोड़ 40 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा
– 20 लाख रुपये और होल्ड, 1.33 लाख रुपये नकदी जब्त, 1.18 करोड़ फ्रीज करवाए



