‘अग्निपथ’ देश में नया अध्याय शुरू करेगा , लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास बोले- सरकार की बेहतर स्कीम, युवाओं का भविष्य सुरक्षित

देश ने तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती को लेकर सरकार ने ‘अग्निपथ’ नाम की एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। योजना के बारे में लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास ने बताया कि ‘अग्निपथ’ के तहत साढ़े 17 साल से लेकर 23 साल तक के युवा सेना में शामिल हो सकते हैं। इनकी सेवाएं 4 साल के लिए होंगी और इसके बाद कई मंत्रालय इनको दूसरी नौकरियों के लिए मदद करेंगे। अग्निवीरों को फील्ड एरिया से लेकर ऑपरेशनल एरिया तक, हर जगह तैनात किया जाएगा। अग्निवीरों का सैलरी पैकेज 30 हजार से शुरू होकर 40 हजार तक जाएगा और अंत में 12 लाख का सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
छत्तीसगढ़-ओडिशा सब एरिया मुख्यालय, सेक्टर-3 परसदा नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास ने बताया कि वर्दी का एक रोमांच रहता है। अभी तक पार्ट समय के लिए सेनाओं में भर्ती का नियम नहीं था। अब सेना में जुड़ेंगे और बाद में अपना कैरियर भी बना पाएंगे। इससे युवाओं में रिस्क लेने की क्षमता बढ़ेगी। सरकार इतना पैकेज दे रही है, जिससे भविष्य असुरक्षित नहीं रहेगा। सेवा से निकलने के बाद पुलिस और गृह मंत्रालय की सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी जैसे फोर्सेस की भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी। सरकार की यह स्कीम बेहतरी के लिए है। अग्निपथ के तहत भर्ती होने वाले 25 फीसदी अग्निवीर दोबारा सेना का हिस्सा बनेंगे और बाकी के 75 फीसदी को दूसरे संस्थान मदद करेंगे। अग्निवीरों को फील्ड से लेकर ऑपरेशनल एरिया तक हर जगह काम करने का अवसर मिलेगा। सेवा के बाद एक प्रोफेशनल वर्कर देश को मिलेगा। शैक्षणिक योग्यता 10वीं या 12वीं पास है। इसमें परसेंटेज का नियम नहीं है। युवा 4 साल के लिए सेना में भर्ती होगा। उन्हें अग्निवीर कहा जाएगा। 4 साल की नौकरी के बाद एक बेहतर जिंदगी की शुरुआत कर सकते हैं। अग्निवीर के पास कम ब्याज दर पर बैंक लोन लेने की सुविधा होगी।
सेना से निकलने के बाद बड़ी सेविंग हाथ में होगी
लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास ने बताया कि इस सेवा में 4 साल तक फिक्स सैलरी मिलेगी। इसमें पहले साल 30 हजार दूसरे साल 33 हजार तीसरे साल 36 हजार 500 और चौथे साल 40 हजार तनख्वाह के तौर पर मिलेंगे। हालांकि इनमें से 30 प्रतिशत वेतन में कटौती सेवा निधि के तौर पर की जाएगी और जितना अंशदान अग्निवीर का होगा उतना ही सरकार भी उसके खाते में जमा कराएगी और चौथे साल जब वह सेवा से बाहर होगा तो करीब 12 लाख सेवा निधि पैकेज के तौर पर मिलेंगे। इससे लाखों रुपये की सेविंग्स होंगी, जिससे वह अपनी पढ़ाई, नया व्यवसाय और रोजगार पर खर्च कर सकता है।
खतरे से प्रभावित होने पर एकमुश्त राशि भी मिलेगी
लेफ्टिनेंट जनरल एमके दास ने बताया कि अग्निवीर सीमा पर होने वाले खतरे से प्रभावित हो सकते हैं। अग्निवीर सेवाकाल के दौरान शहीद हो जाता है तो उसके बचे हुए सेवाकाल का वेतन और सेवा निधि परिवार को मिलेगा। 48 लाख का गैर अंशदाई जीवन बीमा लाभ और 44 लाख की ग्रेजुएटी भी मिलेगी। अगर कोई अपंगता सैन्य कर्मी में आ जाती है तो उसे मेडिकल सेवा का लाभ देते हुए मेडिकल कैटिगरी से सेवा मुक्त किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार एकमुश्त राशि उसे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कई देशों में लागू है। यह भारत सरकार का एक बेहतर प्लान है, जो युवाओं को अच्छा अवसर दे रहा है। आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी भी इसमें बढ़ेगी।



