आठ दिन बाद भी पक्षियों को जाल में फंसाने वाले को नहीं पकड़ा सका वन विभाग

बिलासपुर। सीपत क्षेत्र में पक्षियों को जाल में फंसाने वाले आरोपित को वन विभाग की टीम नहीं पकड़ सकी है। आठ दिन वन अमला केवल जांच व तलाश कर रहा है, लेकिन उन्हें किसी तरह की सफलता नहीं मिल पाई है। विभाग की इस निष्क्रिय कार्यशैली की वजह से आरोपितों के हौसले बुलंद होंगे। इसका असर जंगल की सुरक्षा पर पड़ेगा। सात जून को बिलासपुर वन परिक्षेत्र के सीपत सर्किल अंतर्गत ग्राम कैमाडीह के रास्ते में मुरुम खदान के गड्डे में एक व्यक्ति जाल बिछाए बैठा था। अचानक उस पर वन्य प्राणी प्रेमी मसुंर खान की नजर पड़ा। वह सड़क से दौड़ते ही नीचे पहुंचे। नजारा देखकर वह हैरान रह गए।
वह व्यक्ति 13 पक्षियों को जाल में फंसाकर रखा हुआ था। इसके अलावा एक को पेड़ में छिपाकर रखा था। मंसूर ने सभी परिंदों को जाल से आजाद कराया और तत्काल इसकी जानकारी विभाग को दी। उन्हें किसी जरुरी काम के सिलसिले में जाना था। इसलिए सूचना देने और पूरी घटनाक्रम का वीड़ियों बनाकर उन्होंने जिम्मेदार वन अफसरों को भेजी। पर विभाग ने उतनी तत्परता नहीं दिखाई। इसके कारण ही जब वन अमला मौके पर पहुंचा तो वह जाल आदि सामान समेटकर घटना स्थल से जा चुका था।
इसके बाद वन अमला उसे ढूंढता रहा, लेकिन वह नजर नहीं आया। आठ दिन से अमला केवल उसकी तलाश कर रहा है। हालांकि यह जानकारी मिली है कि वह कर्रा गांव का निवासी है। पर जब टीम वहां पहुंची तो वह घर पर नहीं था। स्वजनों ने उसे बाहर रिश्तेदारी में जाने की जानकारी दी। इसके बाद वन अमला लौट आया। अब तक केवल उसके लौटने का इंतजार किया जा रहा है। विभाग की इस कार्यशैली से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिन पर जंगल के सुरक्षा की जिम्मेदारी है वह कितनी तत्परता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते होंगे।



