ECI से हेमंत सोरेन को माइनिंग लीज मामले में फिर मिला वक्त

भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को माइनिंग लीज आवंटन मामले में जवाब देने के लिए एक बार फिर समय दिया है. अब इन्हें 28 जून को जवाब देने का निर्देश दिया गया है. सबसे पहले 31 मई को जवाब देने के लिए समय दिया गया था. इसके बाद 14 जून को समय दिया गया था. अब तीसरी बार जवाब देने के लिए इन्हें 28 जून का वक्त दिया गया है. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 20 मई को भारत निर्वाचन आयोग के नोटिस का जवाब भेजा था. विशेष दूत के माध्यम से जवाब सीलबंद लिफाफे में निर्वाचन आयोग कार्यालय में जमा कराया गया था.
माइनिंग लीज मामले में अब झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को भारत निर्वाचन आयोग को जवाब देने के लिए और समय दिया गया है. 28 जून को इन्हें जवाब देना है. इससे पहले 14 जून तक उन्हें भारत निर्वाचन आयोग को जवाब देने का समय दिया गया था. भाजपा ने 14 फरवरी 2022 को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा था. इस दौरान आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग किया है और पत्थर खदान की लीज हासिल की है.
ऑफिस ऑफ प्रोफिट का मामला बताते हुए बीजेपी ने हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी. इसके बाद राज्यपाल द्वारा रांची के अनगड़ा खदान मामले में भारत निर्वाचन आयोग से मंतव्य मांगा गया था. इस आलोक में दो मई 2022 को भारत निर्वाचन आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस कर जवाब मांगा था. पूर्व में जवाब 10 मई तक दाखिल करना था, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा अपनी माता के इलाज में व्यस्त रहने की बात कह कर चार सप्ताह का समय मांगा गया था. तब भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 20 मई तक जवाब देने का समय दिया गया था. ठीक 20 मई को हेमंत सोरेन ने भारत निर्वाचन आयोग को जवाब भेजा था.



