टीएस सिंहदेव के भड़कने पर नरम पड़े भूपेश बघेल, बाबा की मर्जी के बिना नहीं कटेगी डाल

छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य बचाओ आंदोलन पर सियासत हावी होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश सरकार पर हमलावर है तो वहीं सीएम भूपेश बघेल का भी बड़ा बयान सामने आया है। बघेल ने कहा कि टीएस सिंहदेव सरकार के वरिष्ठ मंत्री हैं और उस क्षेत्र के विधायक हैं। अगर वो नहीं चाहेंगे तो पेड़ क्या एक डंगला (डाल) भी नहीं कटेगी। आंदोलनकारियों के साथ खड़े होने और गोली चलने पर पहली गोली खाने की बात पर भूपेश बघेल ने कहा कि बाबा साहब (टीएस सिंहदेव) का बयान आया है कि पहली गोली मुझे लगेगी। गोली चलने की नौबत ही नहीं आएगी, जो गोली चलाएगा पहले उन पर ही गोली चल जाएगी।
भाजपा पर निशाना साधते हुए सीएम भूपेश ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल को अगर मालूम है कि इतना विरोध हो रहा है तो भारत सरकार से वह मांग करें। कोल आबंटन निरस्त करवा दें। न रहे बांस और न बजेगी बांसुरी। उन्होंने कहा कि खदान आबंटन का काम केंद्र सरकार का है। भाजपा को केंद्र सरकार के समक्ष विरोध करना चाहिए। कोल ब्लॉक आवंटन केंद्र सरकार ने किया। पर्यावरण अधिनियम और वन अधिनियम केंद्र सरकार का लागू होता है। सभी अधिकार और नियम केंद्र के पास है। खदान अलाट करने का अधिकार और अनुमति देने का अधिकार भी केंद्र के पास है। जितने लोग आंदोलन कर रहे हैं, वह केंद्र सरकार के पास क्यों विरोध नहीं करते। दिल्ली में केंद्र सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएं और कोल ब्लॉक आवंटन रद्द करवा दें।
जंगल में आंदोलनकारियों से मिले थे टीएस सिंहदेव
बता दें कि सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव परसा कोल ब्लॉक के घाटबर्रा-हरिहरपुर जंगल पहुंचकर आंदोलनकारियों से मिले थे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा था कि पहले सभी बढ़िया से राय सलाह करो। एक स्पष्ट राय बनाकर अपना पक्ष रखें। मैं आपके साथ हूं। उन्होंने कहा मेरी राय से नहीं, किसी और के राय से नहीं बल्कि आप निर्णय लें। जब तक आप एकजुट नहीं होंगे। मेरा कुछ भी बोलना सही नहीं रहेगा, इसलिए जब और जहां आप एकजुट रहेंगे। मैं आपके आगे-आगे चलूंगा। अगर आप एकजुट हैं और आपको यदि दबाया जा रहा है, आपको परेशान किया जायेगा तो आप निश्चिंत रहिये मैं लड़ाई लड़ने के लिए आपके साथ खड़ा हूं। आपको एकजुट रहना होगा फिर चाहे गोली चले या डंडा, पहली गोली और डंडा मैं ही खाऊंगा…। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रभावित ग्रामीणों का दर्द उन्हें बताएंगे।



