मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों, पशुपालकों, भूमिहीन कृषि मजदूरों, महिला समूहों और तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को 1124 करोड़ 92 लाख रूपए की राशि जारी

किसानों को चौथी किश्त के रूप 1029 करोड़ 31 लाख रूपए का भुगतान

ग्रामीण भूमिहीन मजदूर परिवारों को मिली 71 करोड़ 8 लाख रूपए दूसरी किश्त

गोबर विक्रेता पशुपालकों, गौठान समितियों और महिला समूहों को 13 करोड़ 62 लाख रूपए का भुगतान

728 तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को दी गई 10 करोड़ 91 लाख रूपए की बीमा दावा राशि

राज्य में 4 नये अनुविभाग और 23 नई तहसीलों का शुभारंभ
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का विस्तार: अब नगर पालिका और नगर पंचायतों में घर पहुंच स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने 60 नई मोबाईल मेडिकल एम्बुलेंस लोकार्पित
राज्य के नगरीय निकायों को विकास के लिए मिलेंगे 579 करोड़ रुपए
विकास कार्याें के लिए राज्य के नगर निगमों को 140 करोड़
 नगर पालिकाओं को 5-5 करोड़ एवं नगर पंचायतों को मिलेंगे 3-3 करोड़ रूपए
नगर निगम के महापौर, सभापति, नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष और सभी पार्षदों का मानदेय दोगुना करने की घोषणा
महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि की राशि हुई डेढ़ गुनी
नगरीय निकायों के पदाधिकारियों की वित्तीय शक्ति को दोगुना करने की घोषणा

रायपुर।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार गांवों और शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, वंचितों को न्याय दिलाने, छत्तीसगढ़ के लोगों को सम्पन्न, सक्षम और स्वावलंबी बनाने और उनके कौशल को निखार कर उद्यमी बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। वास्तव में छत्तीसगढ़ सरकार की यही रणनीति छत्तीसगढ़ के विकास का मॉडल है, जिसकी आज पूरे देश में चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों के खाते में राशि के सीधे अंतरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में हर क्षेत्र में तरक्की की बयार बह रही है। रोजगार के नए रास्ते खुले हैं, नवोन्मेष हुए हैं। यही कारण है कि आज छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर मात्र  1.7 प्रतिशत रह गई है, जो राष्ट्रीय औसत 7.4 प्रतिशत की तुलना में बहुत कम है। गोधन न्याय योजना, सुराजी गांव योजना, लघु वनोपज संग्रहण और प्रसंस्करण समेत अनेक महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। गोधन न्याय योजना की सराहना आज पूरा देश कर रहा है। देश के कई राज्य इस योजना का अनुसरण करने की ओर बढ़ रहे है।   

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