छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक प्रभारी रंगे हाथों गिरफ्तार 50 हजार की रिश्वत लेते, एसीबी ने बस संचालक की शिकायत पर पकड़ा

छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) व आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के यातायात प्रभारी विकास नारंग व उसके सहयोगी भरत पनिका को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सूबेदार पेंड्रा क्षेत्र के एक बस संचालक से चालान नहीं करने के एवज में 60 हजार रुपये घूस मांग रहा था। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह पहला मौका है, जब किसी सूबेदार स्तर के अधिकारी को एसीबी ने पकड़ा है।
एसीबी-ईओडब्ल्यू चीफ आरिफ शेख ने बताया कि पेंड्रा क्षेत्र के एक बस संचालक से ट्रैफिक प्रभारी द्वारा रिश्वत मांगने और परेशान किए जाने की शिकायत मिली थी। ट्रैफिक प्रभारी विकास नारंग द्वारा बसों का बेवजह चालान किया जाता है। गौरेला-पेंड्रा जिले ट्रैफिक प्रभारी से मिलने बस संचालक गया, तब उसने बसों को चालान नहीं करने के एवज में 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। प्रार्थी और आरोपी के बीच 50 हजार रुपये लेन-देन पर सहमति बनी। गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से सूबेदार ट्रैफिक प्रभारी आरोपी विकास नारंग (36 वर्ष) एवं उसके सहयोगी भरत पनीका (40 वर्ष) निवासी-अमरपुर, जिला- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के विरूद्ध धारा-7 (क), 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत केस दर्ज न्यायालय में पेश किया गया।
रुपये देने ट्रैफिक प्रभारी को ढाबे में बुलाया
एसीबी निदेशक आरिफ़ शेख़ ने बताया कि बस संचालक ने सूबेदार की शिकायत एसीबी में की थी। 60 हजार रुपये नहीं देने की वजह से बसों का लगातार बिना वजह चालान काटकर परेशान किया जा रहा था। एसीबी की ओर से एसपी पंकज चंद्रा ने शिकायत की पूरी जांच की। इसके बाद योजनाबद्ध तरीक़े से बस संचालक और सूबेदार के बीच बातचीत कराई गई। 50 हजार रुपये के लेन-देन पर सहमति बनी, जिसके बाद रिश्वत की रकम लेने अमरपुर, पेण्ड्रा स्थिति एक ढाबे में ट्रैफिक प्रभारी विकास नारंग को बुलाया गया। ट्रैफिक प्रभारी का सहयोगी भरत पनिका भी साथ में था। जैसे ही बस संचालक ने रुपये दिए तो ACB की टीम ने दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया।



