जमानत नहीं मिली धर्म संसद में गांधी को गाली देने वाले कालीचरण को, 25 जनवरी तक जेल में ही रहने के कोर्ट ने दिए आदेश

छत्तीसगढ़ के धर्म संसद में महात्मा गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। गुरुवार को कालीचरण की कोर्ट में पेशी हुई। अदालत ने कालीचरण को अतिरिक्त 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। कालीचरण को पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेंद्र वासनीकर की अदालत में पेश किया था। एक घंटे की जिरह के बाद न्यायालय ने कालीचरण को अतिरिक्त 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। अब कालीचरण को 25 जनवरी तक जेल में रहना होगा।

बता दें कि 13 जनवरी को कालीचरण महाराज की न्यायिक रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने मामले को कोर्ट में पेश किया। पुलिस की तरफ से कहा गया कि अभी विवेचना जारी है और चार्जशीट जमा करने में कुछ समय लगेगा। इन स्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने 25 जनवरी तक कालीचरण की रिमांड को बढ़ा दिया। प्रदेश में कोविड प्रोटोकॉल का चलते दोनों पक्षों के वकीलों की उपस्थिति में सुनवाई हुई। कालीचरण के वकीलों ने हाई कोर्ट में भी जमानत याचिका लगाई है। कालीचरण को महाराष्ट्र की वर्धा पुलिस दो दिन पहले लेकर गई थी और बुधवार देर रात उसे रायपुर लाकर केंद्रीय जेल प्रबंधन के सुपुर्द किया गया है।

कालीचरण पर रायपुर में दर्ज है अपराध
बता दें कि 26 दिसंबर को रायपुर के धर्म संसद में महात्मा गांधी पर कालीचरण महराज ने अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने सिविल लाइन और रायपुर निगम के सभापति प्रमोद दुबे ने टिकरापारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अपराध दर्ज होने के दूसरे दिन कालीचरण का एक और वीडियो सोशल मीडिया में सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी टिप्पणियों को फिर दोहराया था। वीडियो में कालीचरण ने कहा है कि मुझे अपने बयान पर कोई पश्चाताप नहीं है। मैं गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानता। यदि सच बोलने की सजा मृत्युदंड है तो वह भी मुझे स्वीकार है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने कालीचरण को मध्य प्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार किया है। कालीचरण पर महाराष्ट्र के पुणे व वर्धा में भी मामले दर्ज है।

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