कोवैक्सिन की बूस्टर डोज ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी है: रिसर्च

कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन की बूस्टर डोज ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों वैरिएंट को बेअसर करने में असरदार है। स्वदेशी वैक्सीन की बूस्टर खुराक को COVAXIN (BBV152) के नाम से जाना जाता है, जो कि ओमिक्रॉन (B.1.529) और डेल्टा (B.1.617.2) दोनों के खिलाफ एंटीबॉडी बनाती है।

परीक्षण के दौरान 100% नमूनों ने डेल्टा वैरिएंच को निष्प्रभावी कर दिखाया। वहीं, ओमिक्रॉन के 90% से अधिक नमूनों के खिलाफ भी यह असरदार साबित हुई। भारत बायोटेक द्वारा जारी आंकड़ों से इस बात के सबूत मिलते हैं।

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने आज एमोरी विश्वविद्यालय में किए गए एक अध्ययन के परिणामों की घोषणा की। इसमें दिखाया गया है कि जिन्हें COVAXIN (BBV152) की बूस्टर खुराक मिली है उनकी शरीर में Omicron और Delta दोनों वैरिएंट को बेअसर करने वाले एंटीबॉडी तैयार हुए हैं।

एमोरी वैक्सीन सेंटर के सहायक प्रोफेसर और प्रयोगशाला विश्लेषण का नेतृत्व करने वाले मेहुल सुथार ने कहा, “दुनिया भर में प्रमुख COVID-19 संस्करण के रूप में ओमिक्रॉन एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय है। डेटा के प्रारंभिक विश्लेषण से पता चलता है कि COVAXIN की बूस्टर खुराक प्राप्त करने वाले व्यक्तियों में ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों प्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया होती है। इन निष्कर्षों से पता चलता है कि बूस्टर खुराक में रोग की गंभीरता और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना को कम करने की क्षमता है।”
भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने कहा, “हम COVAXIN के लिए निरंतर नवाचार कर रहे हैं। ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ सकारात्मक न्यूट्रलाइजेशन प्रतिक्रियाएं मिली हैं। ये ह्यूमरल और सेल मध्यस्थता प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया दोनों उत्पन्न करती हैं।”

आपको बता दें कि भारत में COVAXIN को वयस्कों और बच्चों दोनों को दी जा रही है। यह एक रेडी-टू-यूज़, लिक्विड वैक्सीन है, जिसे 2 – 8°C पर स्टोर किया जाता है। असमें 12 महीने की शेल्फ लाइफ और मल्टी-डोज़ वायल पॉलिसी होती है। टीके की समान खुराक का उपयोग वयस्कों और बच्चों पर की जाती है।

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