बस्तर के वास्तविक मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष नहीं रखने देना राज्य सरकार का लोकतंत्र की हत्या जैसा कृत्य–मुक्ति मोर्चा

BY-नवीन श्रीवास्तव
बस्तर मुख्यालय को उपराजधानी दर्जा, उच्च न्यायालय खण्डपीठ स्थापना जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर मांग पत्र को बस्तर में मुख्यममंत्री के रहते हुए, प्रशासन को देने की मजबूरी बस्तर की भावनाओं का अपमान–मुक्ति मोर्चा
बस्तर के संभागीय मुख्यालय को उपराजधानी बनाने हेतु मुक्तिमोर्चा चलायेगा जन समर्थन अभियान–मुक्ति मोर्चा
बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संभागीय संयोजक नवनीत चांद व जिला संयोजक भरत कश्यप के नेतृत्व में बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर को उपराजधानी का दर्जा व उच्च न्यायालय खण्डपीठ स्थापना एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के मांग पत्र को बस्तर प्रवास में आये मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन दे मांग को पूरा करने की अपील किए जाने के प्रयास को राज्य सरकार की सह पर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल समय आरक्षण के बाद भी ना मिलने दिया जाना संवैधानिक अधिकारों के मुल्यों का हनन है। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संयोजक नवनीत चांद ने इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि बस्तर की भावनाओं के अनुरूप बस्तर के वास्तविक अधिकार व विकास के अंतर्गत उपराजधानी का दर्जा प्राप्त करना बस्तर के सम्मान से जुड़ा हुआ है, राज्य के पुनर्गठन के समय से उपराजधानी व उच्च न्यायालय खण्डपीठ की स्थापना मांग उठती रही है, जिसे सरकार में रहने वाले राजनीतिक पार्टियों ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने हेतु खुब भुनाया है। इसी को आधार बनाते हुए बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा 10 सुत्रीय बस्तर हितों से जुड़ी हुई मांगों को लेकर बस्तर प्रवास में आये मुख्यमंत्री से मिलकर बस्तर हितों को ध्यान में रख घोषणा करने की अपील करने की इच्छा व्यक्त की थी। विधिवत जिला प्रशासन से समय आरक्षण की मांग भी रखी गई थी, जिसके अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा समय निर्धारित करने के पश्चात् भी मुख्यमंत्री से मिलने का समय ना देना व जिला प्रशासनिक अधिकारी द्वारा स्वयं ज्ञापन लेना बस्तर की भावनाओं हाहत करता है,जिसकी हम कड़ी निन्दा करते हैं। मुक्ति मोर्चा द्वारा बस्तर हित से जुड़े मुद्दों के जन समर्थन हेतु अभियान चला बस्तर के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राज्य सरकार व राज्यपाल के समक्ष समर्थन पत्र सौंपने का कार्य किया जायेगा। मांग पुरी होने तक संपुर्ण बस्तर में जन आंदोलन का शंखनाद किया जायेगा। इन्हीं सब बातों के साथ बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा 10सुत्रीय मांगों को प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा गया। इस कार्यक्रम में शोभा गंगोत्री शहर अध्यक्ष, सुनिता दास शहर सचिव, एकता रानी उपाध्यक्ष, शैलेन्द्र वर्मा शहर उपाध्यक्ष, अंकिता गुरूदत्वा महामंत्री, सोनमती विश्वकर्मा, मीना कौर, भागीरथी दीवान भानपुरी ब्लाक अध्यक्ष, तुलसी सेठिया लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक अध्यक्ष, निलकंट दास, विकास मांझी, संतोष कश्यप, सुरेंद्र तिवारी, शनी राजपूत, मनोज कुमार, योगेश सेठिया, रूकधर कश्यप, युद्धियुठिर सेठिया, छब्बी सेठिया आदि उपस्थित थे



