पेंशनरों का DA में 10% तक बढ़ोत्तरी, जानें भूपेश सरकार ने फायदा कितना दिया

छत्तीसगढ़ के पेंशनधारकों को राज्य सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. भूपेश सरकार ने उनकी महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग पूरी कर दी है. सरकार ने उनका महंगाई भत्ता 5 से 10 फीसदी तक बढ़ा दिया है. सरकार ने यह बढ़ोत्तरी मूल पेंशन और पारिवारिक पेंशन दोनों में की है. वित्त विभाग के इस कदम से प्रदेश के 80 हजार से ज्यादा पेंशनरों को फायदा मिलेगा. वित्त विभाग के उप सचिव आनंद मिश्रा ने ये निर्देश जारी किए. राज्य के पेंशनरों को इससे पहले 12% महंगाई भत्ता मिलता था.

बता दें, अब पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़कर 17% हो जाएगा. दूसरी ओर, सरकार ने छठवें वेतनमान वाले पेंशनरों का महंगाई भत्ता 10% बढ़ा दिया है. नए आदेश के लागू होने के बाद इन पेंशनरों को 164 फीसदी महंगाई भत्ता मिलने लगेगा. इसके पहले इन्हें 154 फीसदी भत्ता मिल रहा था. महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई दर इस साल अक्टूबर की पेंशन से लागू होगी. वित्त विभाग के आदेश के मुताबिक, यह राहत क्षतिपूर्ति पेंशन, सेवानिवृत्ति, अधिवार्षिकी, असमर्थता, अनुकंपा नियुक्ति वालों को दी जाएगी. सरकार ने फैसला किया है कि असाधारण पेंशन और पारिवारिक पेंशन वालों को यह महंगाई भत्ता कुछ प्रतिबंधों के साथ दिया जाए.

इस बीच राज्य के पेंशनधारक अपनी परेशानियों को लेकर पहले आंदोलन का एलान भी कर चुके हैं. संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने बताया कि आंदोलन की रूपरेखा बनाई जा चुकी है. उसके मुताबिक, 3 जनवरी को मंत्रालय का घेराव किया जाएगा. पेशनधारक पेंशनर अधिनियम की धारा 49 को विलोपित करनें की मांग कर रहे हैं. पेंशनरों का मानना है हि यह धारा पेंशनरों के लिए किसी बाधा से कम नहीं है.
सीएम ने कुछ महीनों पहले ही कर दी थी घोषणा

गौरतलब है कि प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महंगाई भत्ते में 5% वृद्धि की घोषणा सितंबर में ही कर दी थी. मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 के मुताबिक, अकेली छत्तीसगढ़ सरकार तब तक ये फैसला नहीं ले सकती, जब तक मध्य प्रदेश की सरकार इसके लिए हामी न भरे. अब मध्य प्रदेश से हरी झंडी मिलने के बाद इसके निर्देश जारी कर दिए गए.

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