गंगामुण्डा तालाब.. गंदगी का आलम के बीच बदहाल कचरे के साथ ..फेंक जाते है जहां शराब और बीयर की बोतलें

जगदलपुर /नवीन श्रीवास्तव -बस्तर के साथ सांस्कृतिक धानी जगदलपुर में सर्वांगीण विकास एवं बेहतरी के साथ रखरखाव को लेकर जो भी कार्य हो रहे वह सराहनीय है ..पर इसी शहर में लंबे समय से अव्यवस्था के बीच बदहाल गंगामुंडा तालाब की यह तस्वीर देखिए..तालाब केवल सफाई के अभाव में… सड़ेकचरे,गंदगी से भरा है, नशेड़ी और असामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के चलते शराब और बीयर की बोतलें यहां फेंक दी जाती है .. इनके सीढ़ियों को देख कर ही अंदाजा हो जाता है कि जिम्मेदार और धरोहरों को सहेजने वालों की अनदेखी के चलते यह किस तरह अपने अस्तित्व और गरिमा को लेकर जूझने बेबश है .. सच तालाब की यह चंद तस्वीरें जिम्मेदार लोगों से बहुत कुछ कहती प्रतीत होती है.. मानो कह रही हो कि — तुम हम आज भी स्वच्छता दिनचर्या में शामिल नहीं कर पाए .. आज भी स्वच्छता को जागरण से नहीं जोड़ पाए … आज भी स्वच्छता को अपने होने के ढंग में शामिल नहीं कर पाए … आज भी स्वच्छता को कर्तव्य एवं दायित्व बोध से नहीं जोड़ पाए .. .. यह तस्वीर भले ही महज एक नजर में गंदगी ,साफ -सफाई के अभाव और कचरे का दिख रहा हो पर विचार करें तो ..यह बहुत कुछ कहती है यह महज लापरवाही या एक तालाब की उपेक्षा का नहीं बल्कि ..जनसरोकार से जुड़ी तस्वीर है ..एक धरोहर के साथ पर्यावरण को लेकर उदासीनता की तस्वीर है यह तस्वीर है ..यहअदूरदर्शिता का, एक बेपरवाह पीढ़ी का ,नशे का, प्रशासन के अनदेखी का ,आंख मूंदे जनप्रतिनिधियों का.. यह कथनी करनी के पीछे का भेद है इसमें सवाल है कि हम अपनी भावी पीढ़ी को क्या संदेश देते है.. हालांकि छठ जैसे पावन पर्व के आते ही इस तलाक को लेकर साफ सफाई का अभियान शुरू हो जाता है पर जरूरत इस बात की है की तस्वीर के साथ इस तालाब की भी तकदीर बदले!!

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