कैप्टन अमरिंदर ने किया खुलासा, कहा- तीन हफ्ते पहले ही इस्तीफे की पेशकश की थी, मजबूत उम्मीदवार उतारूंगा सिद्धू के खिलाफ

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को एलान किया कि वह नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ डटकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे खतरनाक आदमी से बचाने के लिए वह कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। कैप्टन ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू की हार सुनिश्चित करने के लिए मजबूत प्रत्याशी खड़ा करेंगे। कैप्टन ने सिद्धू को राज्य के लिए खतरनाक बताया।

गांधी भाई – बहन को गुमराह कर रहे सलाहकार
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं विधायकों को गोवा या किसी जगह की फ्लाइट में नहीं ले जाता। मैं नौटंकी नहीं करता और गांधी भाई – बहन जानते हैं कि यह मेरा तरीका नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि  प्रियंका और राहुल (गांधी भाई – बहन) मेरे बच्चों की तरह हैं। यह इस तरह खत्म नहीं होना चाहिए था। मैं आहत हूं। उन्होंने कहा कि गांधी के बच्चे काफी अनुभवहीन हैं और उनके सलाहकार स्पष्ट रूप से उन्हें गुमराह कर रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं जीत के बाद जाने को तैयार था लेकिन हार के बाद कभी नहीं। उन्होंने खुलासा किया कि तीन हफ्ते पहले सोनिया गांधी को इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन उन्होंने उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा था।

कैप्टन ने कहा कि अगर उन्होंने (सोनिया) मुझे फोन किया होता और मुझे पद छोड़ने के लिए कहतीं तो मैं तुरंत पद छोड़ देता। कैप्टन ने कहा कि एक सैनिक के रूप में मुझे पता है कि मुझे अपना काम कैसे करना है।

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी से यहां तक कह दिया था कि वह कांग्रेस को पंजाब में एक और बड़ी जीत दिलाने के बाद इस्तीफा देने को तैयार हैं और किसी अन्य को मुख्यमंत्री पद सौंपने को भी। उन्होंने जोर देकर कहा कि लेकिन ऐसा नहीं हुआ, इसलिए मैं लड़ूंगा। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह उन्हें विश्वास में लिए बिना गुप्त तरीके से सीएलपी (कांग्रेस विधायक दल)  की बैठक बुलाई गई, उससे उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा है।

कैप्टन ने कहा कि अब पंजाब को दिल्ली से चलाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सीएम के रूप में उन्होंने अपने स्वयं के मंत्रियों को नियुक्त किया था, क्योंकि वे उनमें से प्रत्येक की क्षमता को जानते थे। उन्होंने सवाल किया कि वेणुगोपाल या अजय माकन और रणदीप सुरजेवाला जैसे कांग्रेस नेता कैसे तय कर सकते हैं कि कौन किस मंत्रालय के लिए अच्छा है।

उन्होंने राज्य में नए नेतृत्व की पसंद को निर्धारित करने वाले जातिगत विचारों के स्पष्ट संदर्भ में कहा कि हमारे धर्म हमें सिखाते हैं कि सभी समान हैं। मैं लोगों को उनकी जाति के आधार पर नहीं देखता, उनकी दक्षता देखी जाती है।

कैप्टन ने साफ कर दिया कि वह अपनी उम्र को बाधा के रूप में नहीं देख रहे। लोगों को उपलब्ध नहीं होने के आरोपों पर कैप्टन ने कहा कि वह सात बार विधानसभा और दो बार संसद के लिए चुने जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट रूप से (पंजाब में) बदलाव करने का फैसला कर लिया था और इस तरह एक मामला बनाने की कोशिश की गई है।

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