नगरनार मंडल के 32 ग्राम पंचायतो के अधिकार प्राप्ति व समस्याओं के समाधान हेतु एवं गांव के निधि पर बाहरी ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ ,होगा जन आंदोलन-नवनीत चाँद


मुक्तिमोर्चा व जनता कांग्रेस का नगरनार मंडल की बैठक हुई ,संम्पन संघटन विस्तारीकरण व जन समस्याओं के समाधान हेतु सँघर्ष के प्रयास तेज करने पर मंथन-मुक्तिमोर्चा/जनता कांग्रेस जे
नगरनार सयंत्र प्रभावित क्षेत्रों के लोगो के साथ केंद्र व राज्य सरकार का कोई भी षड्यंत्र बर्दास्त नहीं, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता व मंशा पर उठाए सवाल?-नवनीत चाँद/अजय बघेल
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के जगदलपुर शहर अध्यक्ष व बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के मुख्य सयोंजक नवनीत चाँद के नेतृव व नगरनार मंडल अध्यक्ष अजय बघेल की अध्यक्षता में ,नगरनार मंडल के पाधिकारियो व कार्यकर्ताओं की बैठक ग्राम कस्तूरी में सम्पन्न हुई। उक्त बैठक को सम्बोधित करते हुए मुक्तिमोर्चा के मुख्य सयोंजक व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के जगदलपुर शहर अध्यक्ष नवनीत चाँद ने कहा की ,इस मंडल में 32 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। जहाँ सरकार व क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की वादा खिलाफी के चलते समस्याओं का अंबार है। पंचायतो के अधिकार निधि के स्वीकृत कार्यो को गांव के बहार के लोगो को जबरदस्ती पंचयात प्रतिनिधियों पर दबाव बना ठेके दिलवाए जा रहे है। जो ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों व ग्राम वाशियो के अधिकारों का हनन है। बस्तर विकास निधि व राज्य व केंद्र की जनकल्याण योजनाओ की निधियों पर कार्य की स्वकृति को विभागीय आला अधिकारियों द्वारा लटकाया जाता है। जिस से क्षेत्र की जनता के आवश्कता अनुसार विकास कार्य नही हो पा रहा है। पंचायतों में छोटे छोटे कार्य समय पर नही किये जाने से जनता परेशान है। वही बस्तर के विकास के मिल के पत्थर के रूप में पहचाने जाने वाले एक मात्र नगरनार इस्पात सयंत्र के निजीकरण का विरोध सम्पूर्ण बस्तर की जनता ,एक स्वर में कर रही है। पर विडंबना यह है। बस्तर की भावनाओ से दोनो ही राष्ट्रीय पार्टियां खेल रही है। केंद्र की भाजपा सरकार निजीकरण को ही अपने विकास का एजेंडा बता रही है। तो राज्य में कांग्रेस की सरकार द्वारा सयंत्र के निजीकरण के विरोध का मुखोटा पहन ,पीछे के दरवाजे से NMDC के सयंत्र के निजीकरण के मंसूबे को जानते हुए भी ,16 सौ करोड़ के अर्थदंड के बाद भी बैलाडिला की 4 खदानों का लीज 2035 तक स्वीकति दे ,अपनी कथनी व करनी का अंतर दिखा दिया है। दोनो ही पार्टियों के द्वारा बस्तर के साथ किये जा रहे छल को देखकर भी बस्तर व स्थानीय क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भरी खामोशी ,बस्तर की जनता के सामने के एक बड़े प्रश्न खड़ा कर रही है। सयंत्र प्रभावित क्षेत्रों के लोगो के साथ दोनो पार्टियो का षड्यंत्र बस्तर बर्दास्त नहीं करेगा ,ग्राम पंचायतो की समस्याओं ,अधिकार व सयंत्र के निजीकरण पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से सवाल कर स्पष्ठ जवाब हेतु आंदोलन का आगाज आने वाले दिनों में किया जाएगा व संघटन को विस्तारित कर जन -जन तक दोनो ही सरकारों की वादा खिलाफी का प्रचार कर जनजागरण फैलाया जाएगा ,इस दौरान बस्तर जिला ग्रामीण अध्यक्ष भरत कश्यप, उपाध्यक्ष शिमंचल ठाकुर,उपाध्यक्ष नीलांबर सेठिया,शहर महामंत्री ओम मरकाम,नगरनार मंडल अध्यक्ष अजय बघेल,सचिव तुलसी सेठिया व नगरनार मंडल के पाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।



