जारी हुआ आदेश अलग-अलग विषयों के 7 शिक्षकों की हुई नियुक्ति

अब एकलव्य की तरह शिक्षा को लेकर भविष्य का लक्ष्य साध सकेंगे … विद्यालय केविद्यार्थी

अपनी समस्या को ले बेसोली के छात्र छात्रा गांव की पगडंडियों से शहर में जिम्मेदारों तक पहुंचे

बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के साथ युवा नेता नवनीत चांद का बच्चों को मिला साथ, संवेदनशील कमिश्नर ने की तुरंत कार्यवाही

जारी हुआ आदेश अलग-अलग विषयों के 7 शिक्षकों की हुई नियुक्ति

जगदलपुर /नवीन श्रीवास्तव
कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता। एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो।।
बस्तर ब्लॉक के बेसोली से लेकर शहर जगदलपुर मुख्यालय तक जा अपनी समस्या को रखने वाले एकलव्य आदर्श विद्यालय के छात्र -छात्राओं के इरादों की इसी तर्ज पर जीत हुई है और उन्हें साथ मिला है बस्तर के युवा तेजतर्रार नेता एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चांद का और भविष्य परिपेक्ष में उनकी समस्याओं को महसूस कर तत्काल इस दिशा में कार्यवाही करने वाले कमिश्नर जी सुरेंद्र का जिसके बाद अब उक्त विद्यालय में अंग्रेजी से लेकर संस्कृत तक अलग-अलग विषयों के 7 व्याख्याताओं के को अध्यापन कार्य हेतु तत्काल प्रभाव से आदेश किया गया है बच्चों के साथ मिली जुली इस संघर्ष और उसके परिणाम ने यह साबित कर दिया की समस्याओं के बीच सकारात्मक पहल आवश्यक होता है और इसी में समाधान भी होता है।
विदित हो के उक्त विद्यालय में जिम्मेदार लोगों के उपेक्षा और उदासीनता के चलते कक्षा छठवीं से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं मात्र एक शिक्षक के माध्यम से किसी तरह चल रहा था जिसके बाद वहां के छात्र-छात्राओं और पालकों ने इस समस्या से लड़ने की ठानी , सम्बंधित लोगों को इस समस्या से अवगत कराया गया पालकों की बैठक हुई और आखिर में समस्या जस की तस रहने पर विश्वविद्यालय के लगभग दो दर्जन छात्र -छात्राओं ने गांव की पगडंडियों से जगदलपुर मुख्यालय का रुख किया वहां उन्हें कलेक्टोरेट में किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं हो पायी पर हिम्मत नहीं हारी वे बात करने रुके रहे ..उधेड़बुन चलता रहा कहते हैं ना व्रत अगर ईमानदारी से किया जाए तो फल मिलता ही है इस बीच इनके जज्बे को साथ मिला बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं बस्तर के तेजतर्रार युवा नेता नवनीत चांद का जो जानकारी के बाद तुरंत वहाँ पहुंचे और बच्चों की समस्या से अवगत होने के बाद उनके द्वारा बच्चों के लिए तत्काल चाय नाश्ता का प्रबंध यथासंभव किया गया पश्चात बच्चों के साथ मिलकर सब संभागायुक्त के पास दफ्तर पहुंचे जहां मौजूद कमिश्नर जी चुरेंद्र ने मामले को गंभीरता से सुना और तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त को इस संदर्भ निर्देशित किया और इस तरह दूसरे ही दिन उक्त विद्यालय में शिक्षकों की व्यवस्था की गई।

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