गंगाराम के बाद अब मिला सीएमवी वायरस अपोलो में कोरोना मरीजों में, सभी मामले 15 से 20 दिन में ही आए

अब दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भी कोरोना मरीजों में सीएमवी संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे पहले सर गंगाराम अस्पताल में ऐसे पांच मामले सामने आए थे जोकि देश में पहली बार देखने को मिले थे। अपोलो अस्पताल में ऐसे छह मरीज उपचाराधीन हैं।
डॉक्टरों के अनुसार कोरोना वायरस की जांच में संक्रमित पाए जाने के 20 से 30 दिन के भीतर साइटोमेगलोवायरस (सीएमवी) संक्रमण का पता चला है। इन मरीजों को पिछले महीने कोविड के कारण गंभीर निमोनिया हुआ था, उन्हें स्टेरॉयड की बहुत ज्यादा खुराकें दी गईं थीं लेकिन सीएमवी बीमारी का पता चलने के दौरान वे कोविड निगेटिव थे।
डॉक्टरों ने बताया कि सीएमवी आमतौर पर हरपीज संक्रमण है जिसमें कई लक्षण होते हैं। बुखार और थकान से लेकर गंभीर लक्षण जो आंखों, दिमाग या अन्य आंतरिक अंगों को प्रभावित करते हैं। यह अक्सर उन मरीजों में दिखने को मिलती है जिनकी प्रतिरक्षा तंत्र पहले से ही कमजोर होता है। जैसे एचआईवी या कैंसर प्रत्यारोपण मरीज जिन्हें प्रतिरक्षा तंत्र दबाए रखने की दवा दी जाती है।
डॉ. अतहर अंसारी ने बताया कि पिछले महीने छह मरीजों में सीएमवी बीमारी का पता लगाया था जो विभिन्न स्वरूपों के साथ सामने आया। अगर यह सीधे फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है तो मरीज को बुखार होगा, सांस लेने में दिक्कत होगी, सीने में दर्द या खांसी होगी।
उन्होंने बताया कि मरीजों में फेफड़े और लिवर में सूजन- हाइपोक्सिया जैसे लक्षण थे। इनमें से एक मरीज में मेलोइड ल्यूकेमिया भी देखा गया। वहीं एक अन्य डॉ. अवधेश बंसल ने बताया कि कोविड-19 के कारण प्रतिरक्षा तंत्र का कमजोर होना और स्टेरॉयड थैरेपी की उच्च खुराक देने सीएमवी के मुख्य कारण हैं।



