कठिन समय मे जब बच्चों की सेहद सबका दायित्व है .. ऑन लाइन पढ़ाई ..फिर होम वर्क ..क्या इमोशनल अत्याचार नहीं


नैतिक शिक्षा के साथ शहर सेहद योग आदि विषयों से दूर .. ऑन लाइन पढ़ाई ..गर्मियों की छुट्टियों में मोबाइल विकिरण के ख़तरे से बच्चों को नही मिल रहा आराम
शासन प्रशासन ध्यान दे करे उचित कार्यवाही
जगदलपुर ।नवीन श्रीवास्तव
लगभग निजी स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई फिलहाल बंद है पर ऐसे स्कूल भी हैं जो बिना ब्रेक ऑनलाइन पढ़ाई जरूरी समझ रहे हैं और जारी रखे हुए है । कोरोना के गंभीर संक्रमण काल के साथ गर्मियों की छुट्टी के समय तो नैतिक शिक्षा के साथ शारीरिक शिक्षा योग आदि को पढ़ाएं ताकि लॉकडाउन के बीच घर में ही रह रहे हैं अनेक परेशानियों के बीच घर में ही रह रहे हैं बच्चों को भविष्य परिपेक्ष में किसी भी तरह के परेशानियों का सामना ना हो।
विदित हो कि इस समय छत्तीसगढ़ के साथ बस्तर भी कोरोना के गंभीर संक्रमण दौर से गुजर उबरने लगा है ऐसे में लगभग परिवार किसी ने किसी तरह के संक्रमण जनित आपदाओं से अभी भी जूझ रहे हैं कहीं किसी ने अपनों को खो दिया है तो कहीं कोई ऑक्सीजन के ऊपर है कोई अस्पताल में भर्ती है कहीं कोई आइसोलेशन में है कहीं कोई गंभीर आर्थिक दिक्कतों के साथ अन्य परेशानियों से जूझ रहे हैं ऐसे में जब अप्रैल में लगभग बच्चों की परीक्षा हो गई है उसके बावजूद भी बच्चों को बिना अवकाश लिए निजी स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखे हुए हैं कुछ अभिभावकों ने चर्चा दौरान कहा कि कि ऐसे स्कूल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने नैतिक शिक्षा दें के साथ योग जैसे विषय पर क्लासेस लें ,आखिरकार संस्कार और बड़ी बड़ी बात करने वाले स्कूलों की स्वभाविक जिम्मेदारी कहां चली जाती है । वर्तमान में जब योग नैतिक शिक्षा के साथ मानसिक व शारिरिक स्वास्थ बच्चो के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है ऐसे में गर्मी की छुट्टियों के समय भी बच्चे 4-4 घन्टे की ऑन लाइन पढ़ाई कर रहे फिर होमवर्क, फिर विषय पूरा करना राहत कहां है.. आपदा के चलते संक्रमण से इस बार कोरोना लहर से हर घर परिवार किसी ने किसी तरह प्रभावित हैं..अभी यह सब पटरी में आने समय लगेगा भी ऐसे कहीं कोई इसी घर में माता-पिता आइसोलेशन में है तो कहीं कोई अस्पताल में है यह सब क्या बच्चों के लिए किसी इमोशनल अत्याचार से कम है। ऐसे मामले को शासन प्रशासन संज्ञान ले तुरंत कार्रवाई करें वरना कभी भी ऐसे स्कूलों के खिलाफ लोगों में गुस्सा फूट सकता।



