व्हाइट फंगस ने दी हरियाणा में दस्तक,हिसार में दो मरीज मिले

हरियाणा में कोरोना महामारी और ब्लैक फंगस के संक्रमण के बीच अब व्हाइट फंगस ने भी दस्तक दे दी है। हिसार में व्हाइट फंगस के दो केस मिले हैं। जिला नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में उपचाराधीन शुगर पीड़ित दोनों महिलाएं कोरोना संक्रमित हैं। वहीं रोहतक पीजीआई में भी करीब 10 मरीजों का उपचार चल रहा है।
चिकित्सकों ने बताया कि हिसार में एंटी फंगल दवा देकर दोनों महिलाओं का उपचार किया जा रहा है। दोनों ही महिलाएं हिसार जिले की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है। संक्रमित महिलाएं पिछले 3-4 दिनों से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। व्हाइट फंगस संक्रमण के लक्षण सामने आने पर बुधवार को उनका सैंपल लिया गया।
गुरुवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। व्हाइट फंगस का पता लगाने के लिए भी ब्लैक फंगस की तरह केओएच यानी फंगल कल्चर टेस्ट किया जाता है। अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था न होने के कारण बाहर की लैब से टेस्ट करवाए हैं। वहीं, प्रदेश कोविड प्रभारी ध्रुव चौधरी ने बताया कि व्हाइट फंगस कोई नई बीमारी नहीं है। इस समय बीमारी के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं और रोहतक पीजीआई में कई मरीजों का उपचार चल रहा है।
व्हाइट फंगस संक्रमण के दो केस मिले हैं। दोनों महिलाएं जिले की रहने वाली हैं और उनका आइसोलेशन वार्ड में उपचार चल रहा है। बुधवार को सैंपल लिए थे और गुरुवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। – डॉ. विमल जैन, ईएनटी विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार।
ब्लैक फंगस के बढ़ रहे मामले
वहीं, राज्य में ब्लैक फंगस के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। गुरुवार को हिसार मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 16 नए मामले मिले हैं। चिकित्सकों ने छह मरीजों का ऑपरेशन किया है। भिवानी में भी एक नया केस मिला। सोनीपत नागरिक अस्पताल में एक मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
वहीं कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. जगदीश दुरेजा ने बताया कि करनाल जिले में भी ब्लैक फंगस के तीन नए मामले सामने आए। इनमें एक महिला है, जो दिल्ली की बताई जा रही है। अभी तक जिले में ब्लैक फंगस के 10 मामले आ चुके हैं और दो महिलाओं की मौत हो चुकी है।
व्हाइट फंगस की समस्या उस समय विकट हो जाती है जब उपचार के अभाव में यह रक्त में मिल जाती है। व्हाइट फंगस आमतौर पर मुंह में होता है। यह समस्या उन्हीं मरीजों को होती है, जिन्हें बिना वजह अधिक एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड दिया जाता है। मुंह की सफाई न रखने वाले, ओरल हाइजीन के प्रति लापरवाह लोगों और अनियंत्रित शुगर के मरीज में मिलती है।- डॉ. ध्रुव चौधरी, प्रदेश कोविड-19 नोडल अधिकारी व पीसीसीएम विभागाध्यक्ष पीजीआईएमएस।



